ई-पर्यटक वीजा का कमाल, पर्यटक हुए निहाल!

न्यूज़ डोज़/कमलेश पांडे, नई दिल्ली।

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में पर्यटन उद्योग का महत्व निर्विवाद है। प्रदूषण रहित इस उद्योग को बढ़ावा देकर न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी किया जा सकता है। मोदी सरकार इस तथ्य को समझने में सफल रही, उसने अपनी नीतियों में सकारात्मक बदलाव लाने में देरी नहीं की और प्रतिफल भी सकारात्मक मिला। ब्रिटेन के लोग अब भी यहाँ अधिक आते हैं, जबकि अमेरिकी दूसरे नंबर पर हैं।

इस बात में कोई दो राय नहीं कि पर्यटकों के लिए उपलब्ध ई-पर्यटक वीजा की सुविधा ने हमारे अतिथि देवो भव, वसुधैव कुटुम्बकम, सुगम्य भारत आदि जनापेक्षी अवधारणा में चार चांद लगा दिया है। पत्र सूचना कार्यालय के मुताबिक, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अगस्‍त, 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर आये पर्यटकों की संख्‍या में अगस्‍त, 2015 के मुकाबले 137.7 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है जो उम्मीदों के अनुरूप है।

यदि देश के स्तर पर देखा जाय तो अगस्‍त, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले देशों में ब्रिटेन अब भी शीर्ष पर है और इसके बाद क्रमश: अमेरिका और चीन का नंबर है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्‍त 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 66,097 पर्यटक आए, जबकि अगस्‍त 2015 में 22,286 पर्यटक आए थे। इस तरह अगस्‍त, 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर आए पर्यटकों की संख्‍या में अगस्‍त, 2015 की तुलना में 196.6 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उल्लेखनीय है कि 27 नवंबर, 2014 से शुरू हुई ई-पर्यटक वीजा सुविधा 25 फरवरी, 2016 तक भारत में 16 हवाई अड्डों पर 113 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्‍ध थी। भारत सरकार ने 26 फरवरी, 2016 से इस योजना का विस्तार करते हुए इसके दायरे में 37 और देशों को शामिल कर दिया जिससे संबंधित देशों की संख्या बढ़कर 150 हो गई। पिछले साल भारत की यात्रा करने वाले अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों द्वारा उपयोग किये गये ई-पर्यटक वीजा के संदर्भ में उपलब्धियों की जो स्थिति रही, उससे बेहतर स्थिति चालू कैलेंडर वर्ष 2016 के प्रथम छह महीनों में ही देखने को मिल गई।

अगस्‍त, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं जो इस प्रकार से है। पहला, अगस्‍त, 2016 के दौरान 196.6 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय बढ़ोतरी के साथ ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 66,097 पर्यटक आए, जबकि अगस्‍त 2015 में महज 22,286 पर्यटक ही आए थे।
दूसरा, जनवरी-अगस्‍त, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 6,06,493 पर्यटक आये, ज‍बकि जनवरी-अगस्‍त, 2015 में यह संख्‍या 1,69,976 थी। अत: इस दौरान पर्यटकों की संख्‍या में 256.8 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

तीसरा, यह बढ़ोतरी 150 देशों के लिए ई-पर्यटक वीजा की पेशकश करने से ही संभव हुई है, जबकि पहले यह संख्या केवल 113 ही थी।
चौथा, अगस्‍त, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधाओं का लाभ उठाने वाले शीर्ष 10 स्रोत देशों की हिस्सेदारी प्रतिशत में निम्नलिखित रही है जो इस प्रकार है-ब्रिटेन (19.4 प्रतिशत), संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (13.2 प्रतिशत), चीन (6.7 प्रतिशत), फ्रांस (6.4 प्रतिशत), स्‍पेन (6.1 प्रतिशत), संयुक्‍त अरब अमीरात (5.5 प्रतिशत), जर्मनी (4.6 प्रतिशत), ऑस्‍ट्रेलिया (3.7 प्रतिशत), कनाडा (3.5 प्रतिशत) और कोरिया गणराज्‍य (2.4 प्रतिशत)।

पांचवां, अगस्‍त, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर आए पर्यटकों के मामले में शीर्ष 10 हवाई अड्डों की हिस्सेदारी प्रतिशत में निम्नलिखित रही- नई दिल्ली हवाई अड्डा (45.30 प्रतिशत), मुंबई हवाई अड्डा (21.53 प्रतिशत), चेन्नई हवाई अड्डा (8.82 प्रतिशत), बेंगलुरू हवाई अड्डा (7.58 प्रतिशत), कोच्चि हवाई अड्डा (4.60 प्रतिशत), हैदराबाद हवाई अड्डा (3.52 प्रतिशत), कोलकाता हवाई अड्डा (2.07 प्रतिशत), अमृतसर हवाई अड्डा (2.01 प्रतिशत), अहमदाबाद हवाई अड्डा (1.44 प्रतिशत) और त्रिवेंद्रम हवाई अड्डा (1.36 प्रतिशत)।
इससे साफ है कि यदि नीतियां सही और सरल हों तो लोग उसे हाथोंहाथ लेते हैं, जिसका लाभ सभी को मिलता है।

Facebook Comments