उत्पादों की क्वालिटी सर्टीफिकेशन हेतु क्वालिटी काउंसिल आफ इण्डिया से समझौता

लखनऊ: 04 जनवरी, 2019 उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने कहा कि प्रदेश में निर्मित होने वाले उत्पादों का निर्यात 05 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य है। अभी  90 हजार करोड़ रुपये के एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का निर्यात विदेशों में हो रहा है। यह लक्ष्य तभी प्राप्त प्राप्त करना सम्भव होगा, जब उत्पादों की क्वालिटी बेहतर होगी और वे अन्तर्राष्ट्रीय मानक के अनुरूप होंगी।
श्री पचैरी आज राजधानी के एक होटल में सी0आई0आई0 के बैनर तले आयोजित 11वें रीजनल स्टैडण्र्ड कान्क्लेव में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्यमियों के हितपरक एम0एस0एम0ई0 नीति-2017 बनाई है। इसमें वैश्विक बाजार के अनुरूप गुणवत्तापरक उत्पाद तैयार करने के लिए उद्यमियों को कई प्रकार की सुविधाएं एवं रियायतें प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही तकनीकी उन्नयन पर भी विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्पादों की क्वालिटी बढ़ाने के लिए नवीनत्म तकनीक की मशीनरी लगाने पर उद्यमियों को 05 लाख रुपये तक अनुदान दिया जायेगा। इसके साथ ही ऋण पर देय ब्याज पर भी उपादान की व्यवस्था की गई है।
लघु उद्योग मंत्री ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना के तहत उत्पादों के क्वालिटी सर्टीफिकेशन हेतु क्वालिटी काउंसिल आफ इण्डिया से समझौता किया गया है, ताकि ओ0डी0ओ0पी0 के उत्पाद क्वालिटी प्रोडक्ट बन सके। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार होने पर निर्यात बढ़ेगा और विदेशी मुद्रा भी अर्जित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के छोटे-छोटे निर्यातकों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको दूर करने में क्वालिटी काउंसिल आफ इण्डिया पूरी मदद करेगा। लेकिन उद्यमियों को भी उत्पादों के क्वालिटी के प्रति सजग रहने की जरूरत है। विश्व में प्रतिस्पर्धा का दौर है। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में टिके रहने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है।
श्री पचैरी ने कहा कि विदेशों में भदोही केे कालीन की बहुत मांग है। सरकार उद्यमियों की सुविधा के लिए भदोही में कालीन मार्ट बनवाने जा रही है। उत्तर प्रदेश सम्भावनाओं का प्रदेश है। कई क्षेत्रों में नम्बर वन होने के बावजूद विदेशों में उद्यमी सामान नहीं बेच पा रहे हैं।
इस मौके पर सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम श्री भुवनेश कुमार, महानिदेशक ब्यूरो आॅफ इण्डियन स्टैडण्र्ड श्रीमती सुरीना राजन सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद थे।

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