प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के मुरीदों में अब संयुक्त राष्ट्र भी शामिल:राजीव रंजन

पटना, सितंबर 7, 2018: संयुक्त राष्ट्र द्वारा हालिया प्रकाशित एक रिपोर्ट में स्वच्छ भारत अभियान की सराहना किए जाने को उपलब्धि करार देते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने कहा “ देश को स्वच्छ बनाने के लिए प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की सराहना आज विश्व स्तर पर हो रही है. बीते चार वर्षों में स्वच्छता का यह अभियान एक जन आंदोलन बन चुका है, यही वजह है कि विगत वर्षों में इस क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कार्य हुए हैं, जिसकी तारीफ़ आज संयुक्त राष्ट्र तक कर रही है. संयुक्त राष्ट्र की ‘ड्रिकिंग वाटर, सैनिटेशन एंड हाईजीन इन स्कूल्स : 2018 ग्लोबल बेसलाइन रिपोर्ट’ रिपोर्ट के मुताबिक आजाद भारत में पहली बार देश के सभी 100 प्रतिशत स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सुविधाएं पहुंच गई हैं। जो काम पिछले 70 साल में कोई सरकार नहीं कर पाई वह कार्य मोदी सरकार ने कर दिखाया है. यूएन एजेंसी की इस रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छता से स्कूलों में पढ़ाई का अच्छा माहौल बना है. आज शौचालयों की उचित व्यवस्था होने से लड़कियां भी स्कूल जाने से नहीं झिझकतीं. रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में भारत में बिना शौचालयों वाले स्कूलों की संख्या में ज्यादा गिरावट आई है, जिसमे सर्वाधिक गिरावट 2014 के बाद से देखी गयी है. रिपोर्ट से स्पष्ट है कि 2016 तक भारत के प्रत्येक स्कूल में किसी ना किसी प्रकार की स्वच्छता सुविधा उपलब्ध थी. जबकि एक दशक पहले भारत के आधे स्कूलों में शौचालय तक नहीं था. यह इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता ही कही जाएगी कि इस अभियान से पहले जहां देश में स्वच्छता का दायरा सिर्फ 38 प्रतिशत था, जो बीते चार वर्षों में 91 प्रतिशत से अधिक हो गया है. आज की तारीख में देश के 19 राज्य, 444 जिले और 4 लाख 33 हजार से अधिक गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं, वहीं 2 अक्टूबर 2014 से अब तक देश में 8 करोड़ 32 लाख से अधिक घरों में शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है, जिनकी संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है. यह इस अभियान का ही असर है कि आज देश खुले में शौच से मुक्ति की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. ज्ञातव्य हो कि जब यह शुरू हुआ था, तब देश का एक भी राज्य खुले में शौच की समस्या से मुक्त नहीं था, लेकिन 2014 के बाद से इस स्थिति में जबरदस्त बदलाव आया है और देश के 78.98 प्रतिशत से अधिक के क्षेत्र पर शौचालयों का विस्तार हुआ है. इस समस्या के प्रति लोग बहुत अधिक जागरूक हो चुके हैं और उन्हें जिस तरह से सरकार से मदद मिल रही है उससे लगता है कि 2 अक्टूबर 2019 से बहुत पहले ही ये मिशन पूरा हो जाएगा.”

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