आम आदमी पार्टी मेट्रो फेज-4 को बाधित कर जनता के साथ विश्वासघात कर रही है-मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 1 जनवरी।  दिल्ली मेट्रो फेज 4 को लेकर केजरीवाल सरकार की नई शर्तों से पहले से ही काफी देरी देख चुका यह प्रॉजेक्ट और देरी की ओर जा रहा है। दिल्ली सरकार ने ऑपरेशनल घाटे की शेयरिंग और बाहरी कर्जों की देनदारी से जुड़ी 2 नई शर्तें जोड़ी हैं।दिल्ली सरकार अब मांग कर रही है कि ऑपरेशनल घाटे को दिल्ली और केंद्र बराबर-बराबर वहन करें। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने एक और शर्त जोड़ी है कि अगर डीएमआरसी कर्जों को चुकाने में नाकाम रही तो केजरीवाल सरकार किसी भी बाहरी कर्ज का भुगतान नहीं करेगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली मेट्रो फेज-4 को जानबूझ कर रोक कर इसका आरोप केन्द्र सरकार पर लगाते है ताकि किसी भी तरह से मीडिया की सस्ती लोकप्रियता को अपने पक्ष में कर पाये। ऐसा कर वह दिल्ली की जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे है। दिल्ली की जनता के बीच परिवहन रूपी लाईफ लाइन मेट्रो फेज-4 से दिल्ली के दूर देहात के गांव जुड़ने से वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है लेकिन आम आदमी पार्टी निगम चुनावों में मिली हार को अभी तक भुला नहीं पाई है और उसका बदला दिल्ली की जनता से ले रही है।

श्री तिवारी ने कहा कि मेट्रो फेज-4 की फाईल केन्द्र सरकार के पास दिल्ली सरकार ने 2 नई शर्तों के साथ भेजी है। इसके अनुसार ऑपरेशनल घाटे को और डीएमआरसी के कर्जों को केन्द्र वहन करे। मैं केजरीवाल सरकार से पूछना चाहता हूँ कि वह दिल्ली की जनता के विकास के पक्षधर है भी या नहीं या केवल अपनी अहंकारी व अराजक छवि का प्रदर्शन कर दिल्ली की जनता को परेशान करना चाहती है। इसी जनता ने आपको 67 सीटें देकर प्रचण्ड बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता सौपीं थी लेकिन आम आदमी पार्टी मेट्रो फेज-4 को बाधित कर जनता के साथ विश्वासघात कर रही है। केजरीवाल को केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  का आभार प्रकट करना चाहिए कि वो दिल्ली की जनता के लिए चिन्तित है लेकिन दिल्ली सरकार नई शर्ते जोड़कर मेट्रो के विस्तार को बाधित कर रही है जिसका जवाब दिल्ली की जनता आगामी चुनावों में जरूर देगी।

श्री तिवारी ने कहा कि केजरीवाल केवल केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करने में अपनी ऊर्जा लगाते हैं। केन्द्र सरकार की योजनओं में जीएसटी की केजरीवाल ने सर्वाधिक आलोचना की लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह के मुताबिक मेट्रो फेज-4 के निर्माण में लागत पहले से कम आयेगी जिसका प्रमुख कारण तो जीएसटी है। जीएसटी की वजह से प्रोजेक्ट लागत में ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये की कमी आ गई है जो कि ये बताने के लिए काफी है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हर योजना दूरगामी परिणामों की सूचक है।

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