कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान,मनीला,फिलिपीन्स की यात्रा करेंगे।

लखनऊ: 05 अगस्त, 2018 उत्तर प्रदेश के कृषि एवं कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही आगामी 07 अगस्त से 12 अगस्त तक अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, मनीला, फिलिपीन्स की यात्रा करेंगे।
यात्रा के दौरान वाराणसी जनपद में स्थापित ‘‘इरी साउथ एशिया रीजनल सेन्टर’’ द्वारा प्रदेश हेतु धान की उपयुक्त स्ट्रेस टालरेन्ट प्रजातियों के अनुसंधान, विकास, एवं प्रसार कार्यों की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जायेगा। कृषि विभाग के अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डा0 विष्णु प्रताप सिंह भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री के साथ रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र वाराणसी के परिसर में अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिणी एशिया प्रादेशिक केन्द्र (आईएसएआरसी- इरी साउथ एशिया रीजनल सेन्टर) की एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में स्थापना की गयी है। उत्तर प्रदेश में बाढ़, सूखा एवं जलवायु परिवर्तन जैसी विपरीत परिस्थितियों में बेहतर परिणाम देने वाली धान की प्रजातियों के शोध, विकास एवं प्रदेश के कृषकों में उसके प्रसार की रणनीति पर चर्चा एवं अग्रगामी दिशा तय करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केन्द्र, के महानिदेशक श्री मैथ्यू मोरेल द्वारा कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, उ0प्र0 सरकार को आमंत्रित किया गया है।
कृषि मंत्री की डा0 मैथ्यू मोरेल, महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, के साथ उनके लाॅस बनोस स्थित मुख्यालय में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश में बाढ़, सूखा एवं ऊसर से प्रभावित लगभग 12 लाख हे0 क्षेत्र के लिए धान की उपयुक्त प्रजातियों के विकास, संवर्द्धन एवं विकसित नयी प्रजातियों के कृषकों में प्रचार प्रसार हेतु महत्वपूर्ण मुद्दों पर वार्ता की जायेगी।
वार्ता के दौरान प्रदेश में प्रचलित धान की पारम्परिक प्रजातियों यथा काला नमक, सोनाचूर, कनकजीरा आदि के विशिष्ट गुणों की पहचान एवं उसमें विभिन्न प्रकार के स्ट्रेस के दृष्टिगत सुधार एवं उन्नयन तथा अधिक एवं गुणवतायुक्त उत्पादन देने वाली स्टेªस सहनशील प्रजातियों का विकास एवं संवर्द्धन पर विचार विमर्श होगा।
इसके अलावा संताप एवं अन्य अवरोधों के प्रति (स्ट्रेस) सहनशील प्रजातियों के बीजोत्पादन की प्रक्रिया का सुदृढ़ीकरण तथा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों एवं अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिणी एशिया प्रादेशिक केन्द्र (आईएसएआरसी) के बीच प्रभावी समन्वय के सम्बन्ध में भी चर्चा की जाएगी।

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