भारत की संस्कृति को संरक्षण और संवर्द्धन देने वाले नौजवानों का सम्मेलन है युवा कुम्भ

21 अक्टूबर 2018 को दिल्ली में कॉन्सिटयूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में 22-23 दिसंबर 2018 को होने वाले युवा कुम्भ के लिए तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें में भाजपा के अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम, श्रीहरि बोरिकर, डॉ.राकेश मिश्रा व युवा विचार कुम्भ के संयोजक शतरुद्र प्रताप के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर एवं आस पास के कई शहरों के युवा उद्यमी,पत्रकार,समाज सेवी और आईआईटी से जुड़े लोग सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए युवा कुंभ के राष्ट्रीय संयोजक शतरुद्र प्रताप ने बताया कि युवा कुम्भ में पूरे देश से चुने हुए पांच हज़ार ऐसे युवा सम्मिलित होंगे जो समाज में कुछ अच्छा काम कर रहे हैं। युवा कुम्भ को लेकर देश के कई बड़े शहरों में बैठकें हो रही हैं। पूरे देश से हज़ारों की संख्या में लोग पहुचेंगे।देश के सभी प्रांतो में इसकी टोली बन गई और उसकी मीटिंग भी हो चुकी है.. देश के बाहर से भी चयनित युवा आ रहे हैं,
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए आशीष गौतम ने कहा की कुम्भ सेवा की भूमि है,सेवा का प्रत्यक्ष दर्शऩ कुम्भ में ही होता है। उन्होने कहा कि भारत की संस्कृति को संरक्षण और संवर्द्धन देने वाले नौजवानों का सम्मेलन है युवा कुम्भ।
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों एवं बुद्धजीवियों ने बड़े –बड़े सिद्धांतों और विज्ञान को आध्यात्म के साथ जोड़कर धर्म एवंम आस्था के माध्यम से समाज में जागरुकता फैलाने का माध्यम बनाया। उन्होने कहा की युवा कुम्भ देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा। विश्व में भारत की श्रेष्ठता को स्थापित करने का कार्य युवा शक्ति को करना है । उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति में कुम्भ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। कुम्भ का महत्व केवल मोक्ष से नहीं है बल्कि यहां देश भर के समाज वैज्ञानिक एकत्र होकर समाज को अच्छे ढंग से चलाने के लिए विचार करते थे। 23 दिसम्बर को आयोजित होने जा रहा युवा कुम्भ भी समाज को अच्छे ढंग से चलाने पर विचार करेगा। हमारी पुरानी परम्पराओं में से आधुनिकता के सूत्रों की खोज का माध्यम बनेगा युवा कुम्भ। ऐसा नहीं है कि हम पहली बार कुम्भ को विचार का केन्द्र बना रहे हैं बल्कि ऐसा सदियों से होता रहा है। बीच के कुछ वर्षों में यह काम अवरुद्ध हो गया था लेकिन वर्तमान केन्द्र व उत्तर प्रदेश की सरकार इसके लिए जागरूक हैं। हम इस कुम्भ के द्वारा युवाओं को  आत्मनिर्भर व समाज को नई दिशा देने वाला बनाना चाहते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री हरिबोरिकर एवंम धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राकेश उपाध्याय ने तथा मंच संचालन संतोष यादव ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रुप से संजय चतुर्वेदी,अजीत कुमार, हर्षवर्धन त्रिपाठी,प्रतिभा पुंडीर सेंगर,तृप्ति गुप्ता, वैभव वर्धन, शैलेंद्र राय, अभय सिंह, पवन चौहान उपस्थित रहे।

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