मतदाता सूची में 13 लाख से अधिक नाम जोड़े गये और 5 लाख मतदाता केवल वैश्य समुदाय के जोड़ गये : विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली: एक पत्रकारवार्ता में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने भाजपा के विरूद्ध आम आदमी पार्टी द्वारा निराधार आरोप लगाये जाने की घोर भत्र्सना की है। गुप्ता ने कहा कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में होने वाली अपनी हार के डर से आम आदमी पार्टी झूठ बोल रही है और धर्म तथा जाति की विषाक्त राजनीति के माध्यम से दिल्ली के लोगों के बीच घृणा फैला रही है।

विधायक ओम प्रकाश शर्मा, जगदीश प्रधान, सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा, मीडिया सह प्रभारी नीलकांत बक्शी, मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये गुप्ता ने केजरीवाल द्वारा 27 नवम्बर, 2018 को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये जाने पर प्रश्न उठाया तथा मुख्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी द्वारा मतदाता सूची से नाम काटे जाने के संबंध में कोई चर्चा नहीं की गई। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2015 से 2018 के बीच 13,73,300 नाम जोड़े गये हैं। केवल वैश्य समुदाय के 5 लाख मतदाता जुड़े हैं।

गुप्ता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होंने दिल्ली के निर्वाचन विभाग के मंत्री इमरान हुसैन के विरूद्ध कोई प्रशासनिक कार्यवाई क्यों नहीं की। श्री गुप्ता ने सीधे यह आरोप लगाया कि इमरान हुसैन, जिसके अधीन दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सर्वेक्षण कराया गया और मतदाता सूची तैयार की गई, इस मामले में पूर्णतः संलिप्त हैं और यदि आम आदमी पार्टी समझती है कि मतदाता सूची से 30 लाख नाम काटे जाने का दावा सही है तो दिल्ली के मुख्यमंत्री उन लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते जो इसमें संलिप्त थे। किन्तु इस संबंध में कोई कार्रवाई न होना आम आदमी पार्टी का पर्दाफाश करता है।

आम आदमी पार्टी की निंदा करते हुये श्री गुप्ता ने कहा कि उनका दावा है कि 30 लाख नाम काट दिये गये किन्तु दूसरी ओर जब दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में 31 अगस्त, 2018 को सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के दो सदस्य पंकज गुप्ता और दिलीप पाण्डेय चुप रहे और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के संबंध में कोई प्रश्न नहीं उठाया।

श्री गुप्ता ने आम आदमी पार्टी नेताओं की कड़ी निंदा करते हुये कहा कि उनकी मंशा का पर्दाफाश हो गया है क्योंकि वे अब अपने राजनीतिक लाभ के लिए दिल्ली के लोगों के मन में धार्मिक और जातिवाद का जहर डाल रहे हैं।
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बुराड़ी एवं पटपड़गंज जैसे विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े देते हुये जिनमें पूर्वांचल समुदाय के लोग बहुसंख्या में हैं, कहा कि बुराड़ी में 43,431 मतदाता और पटपड़गंज में 21,787 मतदाता जुड़े हैं। श्री गुप्ता ने इस बात का भी उल्लेख किया कि वैश्य समुदाय बहुसंख्यक विधानसभा सीटों पर भी मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मैं भी वैश्य समुदाय से हूँ और मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी लगभग 13,675 मतदाता बढ़े हैं। इसी प्रकार उन्होंने बताया कि हमनें उन विधानसभा क्षेत्रों का भी विश्लेषण किया है जिनमें मुस्लिम समुदाया बहुसंख्यक हैं जैसे कि ओखला में 35,368 मतदाता, सीलमपुर में 17,069 मतदाता और मुस्तफाबाद में 23,679 मतदाता बढ़े हैं।

श्री गुप्ता ने कहा कि इन निर्वाचन क्षेत्रों के किसी भी विधायक ने विधानसभा के विशेष सत्र में इन निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में कोई शंका नहीं जताई जिससे आम आदमी पार्टी का यह दावा झूठा साबित होता है। यह अत्यंत दुखद है कि आम आदमी पार्टी अपने राजनीतिक लाभ के लिए विशेष सत्र बुलाकर जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद कर रहे हैं।

श्री गुप्ता ने दिल्ली में वातावरण को साम्प्रदायिक बनाने के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा पोस्टर लगवाये जाने पर प्रश्न उठाते हुये कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है चाहे वह शहरी विकास हो, शिक्षा, स्वास्थ्य या परिवहन का क्षेत्र हो। उन्हें पता है कि लोग उन्हंे फिर से सत्ता नहीं सौंपने वाले हैं इसलिये वे लोगों के मन में धर्म और जातिवाद की भावना डालकर घृणा का वातावरण तैयार कर रहे हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बयान का हवाला देते हुये श्री गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने आम आदमी पार्टी के दावे को झूठा बताया है और कहा कि वे निराधार आरोप लगा रहे हैं।

श्री गुप्ता ने आश्रय गृह का समुचित प्रबंधन करने में दिल्ली महिला आयोग और दिल्ली सरकार की नाकामी पर कहा कि जो लोग महिला सुरक्षा के समर्थक होने का दावा करते थे वे आज संस्कार आश्रम में महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में असफल रहे। इसलिए जनसाधारण का ध्यान मुद्दों से भटकाने के लिए मतदाता सूची में नाम काटे जाने का मुद्दा उठा रहे हैं और मैं आश्रम से गायब हुई 9 बालिकाओं के मामले में सीबीआई जांच की मांग करता हूँ।

विधायक सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने पहले का उदाहरण देकर बताया कि आम आदमी पार्टी और हेड मास्टर, आरोप प्रत्यारोप की राजनीति के मास्टर हैं और वे संविधान का माखौल उड़ाना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं। जब वे नगर निगम का चुनाव हारे तो उन्होंने ईवीएम को इसका दोषी बताया और अब आगामी लोकसभा चुनाव में होने वाली हार के डर से वे बेतुके तर्कों का सहारा ले कर अपना बचाव कर रहे हैं।

श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोग यह जानते हैं कि केजरीवाल किस प्रकार की औछी राजनीति करते हैं और वे अब उनका समर्थन नहीं करेंगे। श्री गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली के लोग अब जाति की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को उचित जवाब देंगे जैसा कि 2017 के निगम चुनावों में उन्होंने किया था।

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