जार्डन की ओर रूख करने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी

नई दिल्ली: जार्डन जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में साल 2016 में 18.40 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। जार्डन पर्यटन बोर्ड (जेटीबी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।  बोर्ड ने कहा कि जार्डन आने वाले भारतीय पर्यटकों में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। अब जार्डन आने वाले भारतीय आगंतुक उसी दिन वापस कम लौट रहे हैं और उनमें 4.50 फीसदी की गिरावट आई है, जो दर्शाती है कि आगंतुक अब देश में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। इसके अलावा, रात भर के लिए जार्डन जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 18.40 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। इसके बारे में और पढ़े..

भारतीयों पर्यटकों को लुभाने में लगा स्विट्जरलैंड 

दिल्ली:   स्विट्जरलैंड पर्यटन ने भारतीय पर्यटकों को लुभावने के मकसद से अपने प्रचार अभियान के लिए ‘नेचर वॉन्ट्स यू बैक’ (प्रकृति आपको वापस बुला रही है) अभियान की शुरुआत की घोषणा की। शीतकालीन अभियान हर प्रकार के एक्शन और रोमांच पर केंद्रित होगा प्रकृति के सबसे कलात्मक परिदृश्यो में से एक-स्विट्जरलैंड में जिसे तलाशा जा सकता है, जिसकी टैगलाइन है ‘यू कैन……बट यू डोन्ट हैव टू’ (आप कर सकते हैं….. परंतु आपको करने की जरूरत नहीं है )। ग्रीष्मकालीन अभियान ‘नेचर वॉन्ट्स यू बैक’, भी शुरू किया गया, जिसका नेतृत्व ब्राण्ड एम्बेसडर रणवीर सिंह द्वारा किया जायेगा। 

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गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेगें संस्कृति मंत्रालय के म्यूजियम का शिलान्यास

नोयडा : भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा 25 एकड़ भूमि जो ग्रेटर नॉएडा गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पास ली गई थी उस पर 2८ अक्टूबर 2016 को प्रातः 10 बजे भारत सरकार के गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी एवं डॉ महेश शर्मा के द्वारा संस्कृति मंत्रालय के म्यूजियम का शिलान्यास के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे ।

आज माननीय मंत्री डॉ महेश शर्मा ने उस स्थान का दौरा किया और वहां पर बनने वाली विशाल म्यूजियम मॉडल का अवलोकन किया और आगामी कार्य योजनाओ को क्रियान्वित करने के लिए सभी अधिकारी व अन्य लोग उपस्थ्ति रहें ।

इसके दौरान जिलाध्यक्ष श्री विजय भाटी सेवानंद शर्मा, चंद्रवीर नागर, रवि जिंदल , आनंद भाटी, अशोक रावल, अरुण प्रधान . महेश शर्मा , सतीश गुलिया .सँजय बाली . सीताराम शर्मा , राहुल पंडित , अभिषेक शर्मा आदि अन्य मौजूद रहें ।

भारतीय को लुभा रहा हैं केन्या टूरिज्म

नई दिल्ली:  केन्या टूरिज्म बोर्ड ने भारत में अपने विमान सेवा साझेदार, केन्या एयरवेज के साथ मिलकर ‘केन्या कॉलिंग‘ नाम से विज्ञापन और यात्रा कारोबार प्रोत्साहन अभियान की शुरुआत की । उनकी दो यें वेबसाइट बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आकर्षक करार के संबंध में ये दोनों ढेर सारी सूचनाएं मुहैया कराती हैं। भाग लेने के लिए एजेंसियां भी पंजीकरण कर सकती हैं तथा एक्सक्लूसिव पुरस्कार और प्रोत्साहन जीत सकती हैं। केन्या टूरिज्म बोर्ड के सहायक क्षेत्रीय विपणन प्रबंधक हिलडाह ओगाडा ने कहा, “केन्या घूमने आने वालों के लिहाज से भारत अब तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बाजार है। हमलोगों ने जनवरी से जुलाई के दौरान पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 30 से ज्यादा का विकास देखा है। एक स्रोत बाजार के रूप में भारत का विकास हुआ है तथा अभी इसके और विकास के लिए अच्छी संभावना है।  इसके बारे में और पढ़े..

ई-पर्यटक वीजा का कमाल, पर्यटक हुए निहाल!

न्यूज़ डोज़/कमलेश पांडे, नई दिल्ली।

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में पर्यटन उद्योग का महत्व निर्विवाद है। प्रदूषण रहित इस उद्योग को बढ़ावा देकर न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी किया जा सकता है। मोदी सरकार इस तथ्य को समझने में सफल रही, उसने अपनी नीतियों में सकारात्मक बदलाव लाने में देरी नहीं की और प्रतिफल भी सकारात्मक मिला। ब्रिटेन के लोग अब भी यहाँ अधिक आते हैं, जबकि अमेरिकी दूसरे नंबर पर हैं। इसके बारे में और पढ़े..

महेश शर्मा ने कुरूक्षेत्र के ज्योतिसर तथा कई अन्य पर्यटन स्थलो का किया निरीक्षण

केन्द्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन मंत्री डा. महेश शर्मा ने कुरूक्षेत्र के ज्योतिसर तथा कई अन्य पर्यटन स्थलो का निरीक्षण किया। ज्योतिसर गीता उपदेष स्थली मानी जाती है जहां कई हजार वर्श पुराना बरगद का वृक्ष भी है। संसद सत्र के दौरान हरियाणा के सांसद द्वारा ज्योतिसर के पुनः उद्वार करने हेतू अनुरोध किया गया था जिसमे तुरन्त संज्ञान लेते हुए माननीय मंत्री ने इन स्थलों का दौरा किया है तथा ज्योतिसर को कृश्णा सर्किट में जोडने की भी बात कही है। जिससे की दुनिया भर से आने-जाने वाले पयर्टको को मथुरा, वृन्दावन सहित भगवान कृश्ण से जुडे कुरूक्षेत्र के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पर्यटन स्थलो को भी जानने का मौका मिलेगा।

दिल्ली में एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर

नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम जो 10,000 वर्ष पुरानी भारतीय संस्कृति के प्रतीक को बहुत विस्मयकारी, सुंदर, बुद्धिमत्तापूर्ण और सुखद रूप से प्रस्तुत करता है। यह भारतीय शिल्पकला, परंपराओं और प्राचीन आध्यात्मिक संदेशों के तत्वों को शानदार ढंग से दिखाता है। अक्षरधाम एक ज्ञानवर्धक यात्रा का ऐसा अनुभव है जो मानवता की प्रगति, खुशियों और सौहार्दता के लिए भारत की शानदार कला, मूल्यों और योगदान का वर्णन करता है।
स्वामीनारायण अक्षरधाम परिसर का निर्माण कार्य एचडीएच प्रमुख बोचासन के स्वामी महाराज श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के आशीर्वाद से और 11,000 कारीगरों और हज़ारों बीएपीएस स्वयंसेवकों के विराट धार्मिक प्रयासों से केवल पांच वर्ष में पूरा हुआ। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज़ विश्व के सबसे बड़े विस्तृत हिंदू मंदिर, परिसर का उद्घाटन 6 नवंबर, 2005 को किया गया था।
क्या देखें
अक्षरधाम मंदिर
भगवान स्वामीनारायण को समर्पित एक पारंपरिक मंदिर भारत की प्राचीन कला, संस्कृति और शिल्पकला की सुंदरता और आध्यात्मिकता की झलक प्रस्तुत करता है।
नीलकण्ठ वर्णी अभिषेक
एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक परंपरा, जिसमें वैश्विक शांति और व्यक्ति, परिवार और मित्रों के लिए अनवरत शांति की प्रार्थनाएं की जाती हैं जिसके लिए भारत की 151 पवित्र नदियों, झीलों और तालाबों के पानी का उपयोग किया जाता है।
प्रदर्शनियां
हॉल 1 – हॉल की उपयोगिता (50 मिनट)
अहिंसा, ईमानदारी और आध्यात्मिकता का उल्लेख करने वाली फिल्मों और रोबोटिक शो के माध्यम से चिरस्थायी मानव मूल्यों का अनुभव।
हॉल 2 – पर्दे पर फिल्म (40 मिनट)
नीलकण्ठ नामक एक ग्यारह वर्षीय योगी की अविश्वसनीय कथा के माध्यम से भारत की जानकारी लें, जिसमें भारतीय रीति-रिवाज़ों को संस्कृति और आध्यात्मिकता के माध्यम से जीवन-दर्शन में उतारा गया है, इसकी कला और शिल्पकला का सौंदर्य तथा अविस्मरणीय दृश्यावलियों, ध्वनियों और इसके प्रेरक पर्वों की शक्ति का अनुभव करें।
हॉल 3 – भारत का सांस्कृतिक सफर नाव द्वारा (15 मिनट)
भारत की शानदार विरासत के 10,000 वर्षों का सफ़र कराती है। भारत के ऋषियों-वैज्ञानिकों की खोजों और आविष्कारों की जानकारी लें, विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला देखें, अजंता-एलौरा की गुफाओं से होकर जाएं और प्राचीन काल से ही मानवता के प्रति भारत के योगदान की जानकारी लें।
संगीतमय फव्वारा – जीवन चक्र (सूर्योदय के बाद सायंकाल में – 15 मिनट)
एक दर्शनीय संगीतमय फव्वारा शो, जिसमें भारतीय दर्शन के अनुरूप जन्म, जीवनकाल और मृत्यु चक्र का उल्लेख किया जाता है।
गार्डन ऑफ इंडिया
साठ एकड़ के हरे-भरे लॉन, बाग और कांस्य की उत्कृष्ट प्रतिमा, भारत के उन बाल-वीरों, वीर योद्धाओं, राष्ट्रीय देशभक्तों और महान महिला विभूतियों का सम्मान किया गया है, जो मूल्यों और चरित्र के प्रेरणास्रोत रहे हैं।
लोटस गार्डन
कमल के आकार का एक बागीचा उस आध्यात्मिकता का आभास देता है, जो दर्शनशास्त्रियों, वैज्ञानिकों और लीडरों द्वारा व्यक्त की जाती है।
कहां स्थित है –
राष्ट्रीय राजमार्ग 24, अक्षरधाम सेतु, नई दिल्ली, भारत – 110092
संपर्क:टेलीफोन: (011) 2201 6688, 2202 6688 | फैक्स: (011) 2201 5757 |

ई-मेल:     info@akshardham.com | www.akshardham.com
नज़दीकी मेट्रो स्टेशन: अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन (पैदल – 200 मीटर / 7 मिनट)
अवकाश के दिन : सोमवार परिसर में प्रवेश – निःशुल्क | कोई टिकट नहीं
समय: प्रथम प्रवेश: प्रातः 9:30 बजे,अंतिम प्रवेश: सायं 6:30 बजे, प्रदर्शनी समय: प्रातः 10:00 बजे से 5:30 बजे
प्रवेश
परिसर में प्रवेश: निःशुल्क | कोई टिकट नहीं                  मंदिर एवं बागीचे निःशुल्क | कोई टिकट नहीं
प्रदर्शनी एवं संगीतमय फव्वारा शुल्क |                         टिकट अभिषेक दर्शन: निःशुल्क | कोई टिकट नहीं
अभिषेक पूजा: शुल्क | टिकट
टिकट शुल्क (केवल प्रदर्शनी हेतु)

वयस्क (12 वर्ष एवं अधिक) रु. 170                        वरिष्ठ नागरिक (65 वर्ष एवं अधिक) रु. 125               बच्चा (4 से 11 वर्ष) रु. 100                                  बच्चा (4 वर्ष से कम) निःशुल्क

केवल संगीतमय फव्वारा हेतु:
वयस्क (12 वर्ष एवं अधिक) रु. 30                           वरिष्ठ नागरिक (65 वर्ष एवं अधिक) रु. 30
बच्चा (4 से 11 वर्ष) रु. 2                                      बच्चा (4 वर्ष से कम) Free
सुविधाएं:
पार्किंग: वाहन के प्रकार के अनुसार दरें
अमानती समानघर: मालिक के जोखिम पर डिपॉजिट (निःशुल्क)
फोटो बूथ: यादगार हेतु मुद्रित फोटोग्राफ़ (शुल्क पर)
व्हीलचेयर: रिफंडेबल डिपॉजिट – रु. 100
फीड कोर्ट: भोजन, स्नेक्स एवं पेय-पदार्थ (केवल 100% शाकाहारी)
पुस्तक एवं गिफ्ट सेंटर: प्रकाशन, स्मृति-चिह्न एवं गिफ्ट आइटम
ड्रेस कोड:
• वांछनीय – कंधे और घुटने ढके हों
• वापस की जाने वाली रु. 100 जमाराशि दिए जाने पर- ढकने के लिए कपड़े की व्यवस्था है
संरक्षा एवं सुरक्षा: * अमानती समानघर सुविधा उपलब्ध है (पार्किंग स्थल पर)
• इनकी अनुमति नहीं है:
o सभी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं (मोबाइल, कैमरा, पैन ड्राइव, हैंड्स-फ्री इत्यादि)
o सभी तरह के बैग      o पर्स (कंधे पर टांगे जाने वाले / हाथ में लटकाए जाने वाले)
o खाद्य एवं पेय पदार्थ,   o खिलौने,   o तम्बाकू एवं नशीले पदार्थ,  o समस्त व्यक्तिगत वस्तुएं
• इनकी अनुमति है:
o जूते        o बैल्ट       o वॉलेट       o लेडीज़ पर्स (हाथ वाले)      o ज्वैलरी       o पासपोर्ट
o छोटे बच्चों के लिए खाद्य पदार्थ
इन पर कड़ा प्रतिबंध है:
• धूम्रपान, मद्यपान एवं नशीली वस्तुएं      • तम्बाकू संबंधी उत्पाद       • अभद्र व्यवहार एवं भाषा
• पालतू जानवर
दावामुक्ति:
• प्रवेश का अधिकार और पूर्व सूचना के बिना कार्यक्रम में किसी भी परिवर्तन का अधिकार प्रबंधन को है।
• कृपया सुरक्षा स्टाफ से सहयोग

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