गाँधी परिवार से राहुल के अंतिम कांग्रेस अध्यक्ष होने की संभावना हुई तेज: राजीव रंजन

पटना: कांग्रेस में हालिया चल रही उठापठक का जिम्मेवार राहुल की नकारात्मक राजनीति को बताते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कहा “ लोकसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त से कांग्रेस की चूलें हिल गयी हैं. इनके नेताओं के चेहरे पर छाई मायूसी यह साफ़ बताती है कि उनका विश्वास पूरी तरह से पार्टी और शीर्ष नेतृत्व से उखड़ चुका है. यही वजह है कि आज कांग्रेस में भगदड़ मच चुकी है.

कांग्रेस की इस दुर्दशा के पीछे सीधे तौर पर राहुल गाँधी और उनके फाइव स्टार सलाहकारों की टोली का हाथ है, लेकिन इसे विडंबना ही कहें कि कांग्रेस अभी भी इसे कबूल करने के लिए तैयार नही है और अपनी विफलता का ठीकरा भाजपा पर फोड़ने की एक और असफल कोशिश कर रही है. दरअसल कांग्रेस में वंशवाद की संस्कृति होने के कारण इनके यहाँ आगे बढ़ने की पहली और एकमात्र शर्त नेताओं की परिक्रमा करना है. जिसके कारण पार्टी पर परिक्रमा करने वाले नेताओं का ही बोलबाला रहता है. भले ही इन नेताओं को गेंहू और धान का अंतर भी नही पता, लेकिन राहुल जी के नेतृत्व में पार्टी बार बार इन्ही पर भरोसा दिखाती है. यह नेता राहुल जी को वही दिखाते हैं जो वह देखना चाहते हैं और इसी वजह से राहुल एक के बाद एक गलतियाँ करते जाते हैं.

इसी वजह से आज कांग्रेस विलुप्ति के कगार तक पंहुच चुकी है, लेकिन चूंकि राहुल को कोई हटा नही सकता इसीलिए सब चुप-चाप इसे रसातल में जाता देख रहे हैं. लेकिन बीते लोकसभा में चुनाव में मिली जबर्दस्त पराजय के बाद कांग्रेस के आत्म सम्मान वाले नेताओं में जबर्दस्त अंसतोष फैला हुआ है और इनमे धीरे-धीरे भगदड़ मचनी शुरू भी हो गयी है. गोवा और कर्नाटक इसी के उदहारण है. आने वाले समय में इस असंतोष के और बढ़ने के आसार है, जिसके बाद या तो इनकी पार्टी टूट जायेगी या लोग खुद आगे बढकर पार्टी को गाँधी परिवार के चंगुल से छुड़ाने के लिए आंदोलन करेंगे. दोनों ही सूरतों में राहुल की गद्दी और राजनीतिक भविष्य खतरे में हैं. इस सारे प्रकरण को देख कर लगता है कि गाँधी परिवार से राहुल के अंतिम कांग्रेस अध्यक्ष होने की भविष्यवाणी सच होने वाली है.”   

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