55 लाख लोगों को मिलेगा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से रोजगार: साध्वी निरंजन ज्योति
Date posted: 17 June 2020
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सम्पर्क व संवाद के क्रम में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रदेश के मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के गांवों के अंदर ही रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान का आर्थिक पैकेज राज्य के सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योगों के लिए लाभप्रद होगा जो राज्य के उद्योग क्षेत्र की रीढ की हड्डी है।
कोरोना संक्रमण के दौरान मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी है। इससे समुद्री और अंतर्देशीय मछली पालन के एकीकृत, सतत और समावेशी विकास के लिए शुरू की जा रही है। इस 20,000 करोड़ रुपये में से, 11,000 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य और जलीय कृषि गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। शेष बची 9,000 करोड़ रुपये का उपयोग मत्स्य पालन के इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे फिशिंग हार्बर्स, कोल्ड चेन, बाजार आदि के लिए किया जा रहा है। इस पैकेज को लागू करने से मत्स्य उद्योग का निर्यात बढ़कर दोगुना हो जाएगा। इसके साथ ही 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि, मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केज कल्चर, समुद्री शैवाल की खेती, सजावटी मछलियों के साथ नए मछली पकड़ने के जहाज, ट्रेसेलिबिलिटी (पता लगाने), प्रयोगशाला नेटवर्क आदि को बढ़ावा दिया जाएगा। मछुआरों को बैन पीरियड (जिस अवधि में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होती है) सपोर्ट, व्यक्तिगत और नौका बीमा के प्रावधान किए जा रहे है। इससे 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा और 55 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा तथा निर्यात दोगुना होकर एक लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच जाएगा। इससे न केवल लोगों को आत्मनिर्भरता मिलेगी बल्कि देश भी आत्मनिर्भर बनेगा।
साध्वी निरंजन ने कहा कि, फूड प्रोडक्शन में फिशरीज और एक्वाकल्चर सेक्टर का स्थान है। पोषण सुरक्षा के साथ ही यह सेकटर 1.4 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। यह सेक्टर कृषि निर्यात में भूमिका निभाता है। कृषि निर्यात में मत्स्य व मत्स्य उत्पाद का योगदान वॉल्यूम के लिहाज से 13.77 लाख टन और वैल्यू के लिहाज से 45,106.89 करोड़ रुपए का है। यह कुल निर्यात का 10 फीसदी और कृषि निर्यात का करीब 20 फीसदी है। यह सेक्टर देश की जीडीपी में 0.91 फीसदी योगदान करता है। मत्स्य उद्योग से जुड़े लोगों के साथ आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मंत्री शंकर गिरी ने किया। इस सम्मेलन के आयोजक बाबू राम निषाद, लक्ष्मण आचार्य एवं रमेश वर्मा रहे।
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