आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पैकेज से गांव, किसान, मजदूर, मजबूत होगा: संतोष गंगवार

लखनऊ:  भारतीय जनता पार्टी के संवाद सम्पर्क अभियान के तहत आत्मनिर्भर भारत सामाजिक सम्मेलन में श्रमिक संगठनों के साथ वर्चुअल संवाद में केन्द्रिय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पैकेज से गांव, किसान, मजदूर, मजबूत होगा तथा उनका सशक्तिकरण होगा और साथ ही उन्नत उद्योग का नेटवर्क तैयार होगा। कोरोना संकट काल में 20 लाख करोड़ के विशेष आर्थिक पैकैज से जमीनीं स्तर पर देश को नई गति मिलेगी।

यह पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोल उद्योग, हमारे एमएसएमई के लिए हैं। जो करोड़ों श्रमिकों की आजीविका का साधन है। जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार हैं। यह आर्थिक पैकेज देश के असंगठिक श्रमिकों के लिए है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी विकास के पहिए को चलाता है। पैकेज  देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है। इस वर्चुअल विडियो संवाद के आयोजक उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला तथा संचालन भाजपा के प्रकोष्ठों के प्रभारी शिवकुमार पाठक ने किया।

श्री गंगवार ने श्रमिक संगठनों के साथ आयोजित सामाजिक संवाद में कहा कि, भारत एक ऐसा राष्ट्र बनने की ओर कदम बढा रहा है जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब। सबके लिए शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और उन्नति के समान और सही अवसर उपलब्ध होंगे।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ का पैकेज दुनिया के देशों में आर्थिक पैकेंज का 5वें पायदान पर स्थापित हुआ है। देश की जी.डी.पी. का 10 प्रतिशत हिस्सा कोरोना वायरस आपदा के चलते आवंटित किये जाने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जिसमे आत्मनिर्भर भारत की भव्य, इमारत लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉज के पांच स्तम्भ पर खड़ी होगी।
उन्होंने बताया कि देश भर में एक देश एक राशन कार्ड योजना के लागू होने से श्रमिकों और जरूतदमंद परिवारों के लिए राशन मिल रहा है। देश में 67 करोड़ लोग व उत्तर प्रदेश में लगभग 3 करोड़ लाभान्वित हो रहे हैं।

गंगवार ने कहा कि मनेरगा श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 182 रूपये से बढ़ाकर 202 रूपये करने का प्रावधान किया गया है। जिसमें मनरेगा श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, मिलनी प्रारम्भ हो गई है। 10 कर्मकारों वाले कारखानें को ई.एस.आई. से जोड़ दिया गया है। यह योजना भी श्रमिकों के लिए रामबाण साबित होगी। भारत में 3500 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रवासी श्रमिकों के लिए किया गया है। जिसमें 8 करोड़ श्रमिक पूरे भारत व लगभग 35 लाख उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

गंगवार ने श्रमिक नेताओं और सदस्यों को बताया कि, एम.एस.एम.ई. का लाभ उत्तर प्रदेश के तमाम परिवारो को रोजगार सृजन के रूप में मिलेगा। पूर्व में लघु उद्योग के लिए 25 लाख रूपये तक की सीमा थी इसे बढाकर 1 करोड़ रुपये किया गया है। इससें भी श्रमिकों को लाभ मिलेगा, तथा मुद्रा शिशु लोन योजना जरूरतमंदो और श्रमिक परिवारो को 50 हजार रूपये का लोन 2 प्रतिशत की ब्याज की छूट के आधार पर मिलेगा।

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