प्रताप फाउंडेशन ने चंद्रेशखर को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की
Date posted: 8 July 2020
पटना: स्थानीय राजीवनगर मुहल्ला में प्रताप फाउंडेशन ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की तेरहवी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली समारोह आयोजित कर याद किया। समारोह की अध्यक्षता प्रताप फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य राजेश कुमार सिंह ने की वहीं संचालन सामाजिक कार्यकर्ता आर.सी.सिंह जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजय कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय वार्ड पार्षद पति के.के.सिंह और बतौर वक्ता सामाजिक कार्यकर्ता पवन राठौर, प्रोफेसर राम बाबू सिंह, शशिभूषण सिंह, अभिनंदन सिंह, शम्भूनाथ पाण्डेय, सुनील सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, संजय कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, केशव पांडेय आदि शामिल हुए।
श्रद्धांजली समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रताप फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य राजेश कुमार सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री
चंद्रेशखर से जुड़े कई संस्मरणों को सुनाते हुए कहा कि वे भारतीय राजनीति के ऐसे महापुरुष थे जिसने कभी मुल्यों और
सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जबकि आज के दौर में राजनीत करने वाले लोगों में ऐसा नहीं दिखता। अपने प्रधानमंत्रित्व के अल्प काल में चंद्रशेखर ने कई अहम फैसले लेकर देश को नई दिशा दी थी। चंद्रशेखर जैसे नेता विरले ही पैदा लेते हैं।
समारोह में वक्ता के तौर पर सामाजिक कार्यकर्ता पवन राठौर ने कहा कि चंद्रेशखर जब कांग्रेस में गए तो इंदिरा गांधी
द्वारा कांग्रेस में शामिल होने संबंधी बातों पर चंद्रेशखर ने इंदिरा गांधी जैसी शख्सियत को कहा कि मेरे कांग्रेस में आने का मकसद है समाजवाद को लाना तब इंदिरा गांधी ने कहा कि कांग्रेस में समाजवाद नहीं ला सके तो फिर तब चंद्रेशखर ने जबाब दिया कि कांग्रेस को तोड़ दूंगा। ऐसी साहसपूर्ण तरीके से बेबाक बातें करने वाले भारतीय राजनीति में समाजवाद के शलाका महापुरुष थे चंद्रशेखर। अब ऐसे राजनेता है ही नहीं।
समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर के.के.सिंह ने कहा चंद्रशेखर जी समतामूलक समाज के सबसे बड़े पैरोकार थे जिसने कभी भी जाति-धर्म-मजहब की राजनीति नहीं की ऐसे महान राजनीतिज्ञ के जीवन से हमसबों को प्रेरणा लेनी चाहिए। श्रद्धांजली समारोह में प्रताप फाउंडेशन ने केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रेशखर को मरणोपरांत भारत रत्न देने, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत की सीबीआई जांच कराने, बिहार सरकार से सहरसा मंडल कारा में कैद दिग्गज नेता पूर्व सांसद आनंद मोहन को अविलंब रिहा करने और बिहार में राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के लिए होने वाले मनोनयन में राजपूत समाज से तीन लोगों को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किये जाने की मांग की है। इस पर समारोह में उपस्थित लोगों ने एक स्वर से प्रताप फाउंडेशन द्वारा किये गए चार मांगों का समर्थन किया।
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