दिल्ली जल बोर्ड में हुए करोड़ों के घोटाले का हिसाब दे केजरीवाल: आदेश गुप्ता
Date posted: 18 December 2020
नई दिल्ली: दिल्ली में झूठ के पुलिंदे पर टिकी आम आदमी पार्टी की ऐसी सरकार है जिसने दिल्ली की जनता के साथ सिर्फ फरेब किया है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का 65,000 करोड़ रुपए का बजट और राजस्व भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, मुख्यमंत्री के प्रचार में इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल से लेकर अब तक मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 384 करोड़ रुपए अपने प्रचार में खर्च किए, इतने पैसों में दिल्लीवासियों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए कार्य किए जा सकते थे, स्वास्थ व्यवस्थाएं सुधर सकती थी। पिछले 5 वर्षों के अंदर दिल्ली सरकार ने 31,428 करोड़ रुपए दिल्ली जल बोर्ड को लोन के रूप में दिया जिसका बजट में कोई जिक्र नहीं है। दिल्ली जल बोर्ड में जो भ्रष्टाचार हुआ है इसका जबाव मुख्यमंत्री केजरीवाल को देना पड़ेगा। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार उपस्थित थे।
प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि जो खाया करते थे ईमानदारी की कसम, वो आज बेईमानों के सरदार बन गए हैं, उड़ा के इश्तिहारों में जनता के टैक्स का पैसा, दिल्ली के गद्दार बन गए हैं। कहते थे काम करने आये हैं, आज सबसे बड़े मक्कार बन गये हैं, मत गुमान करो इतना, अपने झूठ पर, अब बेनकाब होंगे वह चेहरे, जो दिल्ली की सरकार बन गये हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ईमानदारी की कसमें खाकर, यह कहकर दिल्लीवासियों के वोट लिए कि सत्ता में आने पर गाड़ी, बंगला, सुरक्षा नहीं लेंगे लेकिन सत्ता में आते ही तेवर बदल गए, अब बड़े से बंगले में रहते हैं, बड़ी गाड़ियों में पूरी सुरक्षा के साथ घूमते हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के मुखिया ने अपने विधायकों के वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा में पास कर देते हैं और निगम के सफाई कर्मियों का वेतन भी नहीं देते हैं। निगम कर्मियों के हक की मांग के लिए निगम नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं लेकिन केजरीवाल उनकी सुध लेने भी नहीं गए। कोरोना की समस्या हो या जलभराव, प्रदूषण, हर बार हमने मांग की कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए लेकिन नहीं बुलाया गया। आज एक ऐसे मुद्दे पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने विशेष सत्र बुलाया है जिसका जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है बल्कि आम आदमी पार्टी का राजनीतिक स्वार्थ हैं, जिसपर जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया खर्च किया। विधानसभा सत्र बुला कर स्वंय मुख्यमंत्री केजरीवाल ने लोकतांत्रिक मुल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं का उपहास उड़ाया, उन कृषि कानूनों की प्रतियों को फाड़ा जिसे उन्होंने दिल्ली में सबसे पहले लागू किया। आज का मुख्यमंत्री केजरीवाल का बयान निराधार तथ्यों पर आधारित है जो सिर्फ दिल्ली सरकार के विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बोला गया है।
आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार को 13 नए एसटीपी प्लांट लगाने थे पर नहीं लगाए गए, आखिर ये पैसे कहां गए। वास्तव में दिल्ली के विकास कार्यों में खर्च होने वाला बजट अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी के बजट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अपनी राजनीति इच्छाओं की पुर्ति के लिए आम आदमी पार्टी के नेता अन्य राज्यों में जाकर दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई का पैसा उड़ा रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड आम आदमी पार्टी सरकार बनने से पहले फायदे में था, आज 100 करोड़ रुपए प्रतिमाह के घाटे में है। केजरीवाल सरकार के कारनामे देखकर आज दिल्लीवासी खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने झूठ को छिपाने के लिए निगम पर झूठा आरोप लगा रही है। मुख्यमंत्री केजरीवाल के संरक्षण में जल बोर्ड में आम आदमी पार्टी के विधायक ही टैंकर लगवाने के नाम पर 60 लाख रुपए प्रतिमाह की वसूली कर रहे हैं जिसके कारण जेल भी जा चुके हैं, टैंकर माफिया चलाए जा रहे हैं।
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