दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ किया वर्चुअल संवाद
Date posted: 2 August 2020
नई दिल्ली: उद्योग जगत का देश के विकास और उत्थान महत्वपूर्ण भूमिका है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आज दिल्ली के पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल संवाद किया। इस कार्यक्रम का आयोजन मीडिया पैनलिस्ट व अधिवक्ता पूजा सूरी और महासचिव सौरव सान्याल ने संचालन किया। वर्चुअल संवाद से प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री अध्यक्ष डीके अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप मुल्तानी, दिल्ली कमेटी चेयरमैन राकेश गुप्ता, डॉ योगेश श्रीवास्तव, राहुल विग, संजय सिंघानिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारी जुड़े थे।
संवाद के दौरान पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने उद्योगों के विस्तार से जुड़ी समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता को अवगत कराया और दिल्ली में उद्योग सुचारू रूप से चल सके इसके लिए कई सुझावों को भी उनके समक्ष रखा। आदेश गुप्ता ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के निवारण हेतु आश्वस्त किया।
पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 115 वर्ष पूर्ण होने पर से आदेश गुप्ता ने शुभकामनाएं दी और कहा कि वर्षों से पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री समाज और देश के निर्माण में अपना मूल्यवान योगदान देती आ रही है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के संकल्प को पूरा करने के लिए उद्योग जगत निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने वोकल फॉर लोकल का मंत्र उस समय दिया जब देश-दुनिया में कोरोनावायरस का संकट था लेकिन मोदी जी ने अपनी दूरदर्शिता से देशवासियों को इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का रास्ता दिखाया। जिस तरह मोदी सरकार का संकल्प है कि समाज में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना और उसे विकास के मार्ग पर प्रशस्त करना है, उसी तरह पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री भी इसी उद्देश्य के साथ नारी सशक्तिकरण, शिक्षा, ग्रामीण विकास जैसे सामाजिक क्षेत्रों में काम कर रही है। इसके साथ ही इज ऑफ डूइंग बिजनेस को नए आयाम दे रही है।
श्री गुप्ता ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा पीएम केयर्स फंड में 528 करोड़ की राशि दान करने के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि मोदी जी के आह्वान पर गरीब और जरूरतमंद की मदद के लिए पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने इंसानियत और मानवता को उच्च रखते हुए सेवा कार्य में अपना विशेष योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह मुझे भी विदित है कि पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों को उद्योगों के माध्यम से रोजगार बढ़ाने हेतु 140 से ज्यादा सुझाव भेजे हैं। जिस पर विस्तार से चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों या व्यवसाय को स्थापित करने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसमें से इंस्पेक्टर राज भी है जिसकी समाप्ति की जरूरत है। खासकर सरकारी तंत्रों के उद्योग और व्यवसाय को लेकर नजरिए को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा सरकारी तंत्र का उद्योग और व्यवसाय को लेकर जो नकारात्मक नजरिया है उसे बदलने का और सिस्टम में बदलाव के लिए काम करेगी।
श्री गुप्ता ने कूड़े की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में कूड़े का पहाड़ एक धब्बा है लेकिन हर्ष की बात यह है की भलस्वा लैंडफिल साइट और गाजीपुर लैंडफिल साइट दोनों ही के जरिये कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई ट्रोमिल मशीन के जरिए लगातार कम की जा रही। अगले 2 साल में भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट को समतल किया जाएगा जिससे प्रदूषण की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले ही मैंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उनके समक्ष दो समस्याओं को रखा था, पहली कोरोना संबंधी और दूसरी फैक्ट्रियों के लाइसेंस की जिस पर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गृह मंत्री जी के समक्ष यह बात रखी कि दिल्ली में 3.5 लाख से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं जिन्हें फैक्ट्री लाइसेंस लेने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर हमें उद्योग क्षेत्र में मजबूती के साथ आगे बढ़ना है तो लाइसेंसिंग सिस्टम में बदलाव करना होगा या वन विंडो सिस्टम बनाना होगा। जिससे कि उधमी या व्यापारी को अलग-अलग विभागों की बजाय एक ही विभाग में जाकर फैक्ट्री लाइसेंस ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो उद्योग और व्यवसाय की चिंता है, समस्या है उसके निवारण के लिए दिल्ली भाजपा हर स्तर पर काम करेगी।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली भाजपा ने उद्योगों को मिल रहे भारी भरकम बिजली बिलों के मुद्दे पर भी अभियान चलाया। दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से उद्योगों, फैक्ट्रियों, व्यवसायों को फिक्स्ड चार्ज के नाम पर भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं जबकि लॉकडाउन के दौरान अभी प्रतिष्ठान, उद्योग, फैक्ट्री बंद थे और वहां पर बिजली का उपयोग ही नहीं हुआ।उन्होंने बताया कि बिजली बिलों की समस्याओं को लेकर वह डीआरईसी चेयरमैन से भी मिले थे लेकिन उनकी ओर से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इन समस्याओं को लेकर भी दिल्ली भाजपा की लड़ाई जारी है और जरूरत पड़ेगी तो हम कोर्ट की भी सहायता लेंगे। उन्होंने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उद्योग जगत के हितों में नगर निगम की ओर व्यवस्थाओं में बदलाव और उसका सरलीकरण किया जाएगा। हम मिलकर उद्योगों के विस्तार में हो रही समस्याओं को समाधान की ओर ले जाएंगे और 3- टायर सिस्टम में भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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