आदेश गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिल्ली के ट्रेडर्स एसोसिएशन से किया वर्चुअल संवाद

नई दिल्ली:  ‪दिल्ली सरकार की मिलीभगत से बिजली कंपनियो की मनमानी लूट पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिल्ली की ट्रेडर्स एसोसिएशन से वर्चुअल संवाद किया। वर्चुअल संवाद से विधायक अजय महावर, व्यापारी नेता सतीश गर्ग, अरुण सिंघानिया, अनिल गोयल, गोपाल गर्ग, दिल्ली भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के सदस्य कैलाश गुप्ता, श्याम शर्मा सहित ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि जुड़े थे। इस अवसर पर ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने बिजली बिलों को लेकर हो रही समस्याओं और सुझाव को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के समक्ष रखा।

आदेश गुप्ता ने कहा कि संकट की घड़ी में भी दिल्ली के लोगों के हितों के प्रति दिल्ली सरकार का रवैया बहुत ही गैर जिम्मेदाराना रहा है। बिजली कंपनियों द्वारा भारी भरकम बिजली बिल भेजे जाने की समस्या पर भी दिल्ली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। लॉक डाउन की अवधि में तमाम प्रतिष्ठान, व्यापार बंद थे और वहां बिजली की खपत भी नहीं हुई लेकिन उन्हें भी फिक्स्ड चार्ज के साथ बिजली बिल भेजे गए। बतौर मुख्यमंत्री यह अरविंद केजरीवाल की जिम्मेदारी थी कि दिल्ली के लोगों पर कोई आर्थिक बोझ न डालें और इस संकट की घड़ी में उन तक ज्यादा से ज्यादा राहत पहुंचाए। केजरीवाल सरकार को बिजली कंपनियों को निर्देशित करना चाहिए था कि वह भारी भरकम एवरेज बिल न भेजें, बिजली बिलों में फिक्स्ड चार्ज न लगाएं और मीटर रीडिंग के बाद सही बिल दें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
श्री गुप्ता ने कहा कि आम दिनों में दिल्ली में अधिकतम 22,800 मेगा वाट बिजली की खपत होती है लेकिन लॉक डाउन की अवधि में 7,500 मेगावाट बिजली ही इस्तेमाल की गई लेकिन फिक्स्ड चार्ज बिना खपत की गई बिजली पर भी लिए जा रहे हैं। बिजली कंपनियां करीब 426 करोड़ रुपए का बिजली बिल फिक्स्ड चार्ज के रूप में उन प्रतिष्ठान, ऑफिस, छोटे उद्योग को भी भेज रही है जो लॉकडाउन के कारण बंद थे। एवरेज बिल भी बिना सब्सिडी के भेजे जा रहे हैं। पहले अरविंद केजरीवाल बिजली बिलों को लेकर पिछली सरकार के खिलाफ आंदोलन किया करते थे और आज जब अरविंद केजरीवाल स्वयं मुख्यमंत्री हैं और दिल्ली के लोगों को जरूरत है कि बिजली बिलों में कटौती की जाए तब सत्ता के नशे में मद अरविंद केजरीवाल किसी की सुनने को तैयार ही नहीं है।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मीटर रीडिंग करने वालों को घरों में मीटर रीडिंग के लिए भेजे जाने की मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी बहाल हो, फिक्स्ड चार्ज को वापस लिया जाए, बिजली बिलों में एवरेज बिल लगाना बंद करें, ओरिजिनल बिल भेजें, बिजली कनेक्शन काटने वाले नोटिस को वापस लिया जाए, जिनके बिजली बिल बकाया हैं उन्हें किस्तों में बिल पेमेंट करने की सुविधा दी जाए, इन मांगों को लेकर भी दिल्ली सरकार पर हम दबाव बनाएंगे। दिल्ली भाजपा केजरीवाल सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से ये मनमानी नहीं चलने देगी। इस लड़ाई में दिल्ली भाजपा जनता के हक के लिए किसी भी हद तक जाएगी और जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए उनके साथ किसी भी तरह का कोई अन्याय नहीं होने देगी। दिल्ली सरकार के इस मनमाने रवैए के खिलाफ दिल्ली भाजपा जनता के हितों की लड़ाई को आंदोलन का रूप देगी और निर्णायक मोड़ पर लेकर जाएगी।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि दिल्ली भाजपा के प्रयासों से ही यह मुमकिन हो पाया है कि अब बिजली कंपनियों ने तय किया है कि मीटर रीडिंग करवाने के बाद ही ओरिजिनल बिल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली की खपत न होने के बावजूद भी बिजली कंपनियों द्वारा बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज और एवरेज बिल लगाकर भेजे जाने की समस्या को लेकर भाजपा के सभी विधायक मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिले और उपराज्यपाल को भी समस्या से अवगत कराया था। घरेलू बिजली उपभोक्ता से 125 रुपएध् किलो वाटध्महीना और कमर्शियल उपभोक्ताओं से 250 रुपएध् किलोवाटध्महीना। बिजली बिलों में पेंशन चार्ज व पावर परचेज एसेसमेंट चार्ज भी लगाए जा रहे हैं। हमने कई बार मुख्यमंत्री केजरीवाल से इस संकट की घड़ी में बिजली बिलों में राहत देने की मांग की लेकिन केजरीवाल जी की तरफ कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया।
श्री बिधूड़ी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में हम मिलकर केजरीवाल सरकार की मिलीभगत से बिजली कंपनियों को मनमानी नहीं करने देंगे। दिल्ली के व्यापारियों के व्यापार को मजबूती देने के लिए और इस संकट से उबरने के लिए केजरीवाल सरकार को फिक्स्ड चार्ज को माफ करना चाहिए।

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