आदेश गुप्ता ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामले को देख विद्यालयों को बंद करने की मांग की

नई दिल्ली:  प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए केजरीवाल सरकार से मांग की कि विद्यालयों को जल्द से जल्द बन्द करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके हिसाब से विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति देकर केजरीवाल सरकार बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। इतना ही नहीं कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केजरीवाल सरकार ने क्या तैयारियां की है, उसकी जानकारी सर्वदलीय बैठक बुलाकर दें। साथ ही  बाजारों में उमड़ती भीड़ को काबू करने के लिए जरूरी निर्देश दें और कैसे वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, यह सुनिश्चित करें।

आदेश गुप्ता ने आज एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 दिसम्बर से लगातार कोरोना पॉजिटिव केस की दर बढ़ती जा रही है। दिल्ली सरकार ने रात्रि कर्फ़्यू लगाकर साथ ही कई प्रतिबंध लगाये हैं। लेकिन हमने पहले ही मांग की थी कि जो लापरवाही दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना के पहले दोनों लहर में किया गया था वह अब ना दोहराए। उन्होंने दूसरे राज्यों में चुनावी प्रचार और झूठी घोषणाओं में व्यस्त केजरीवाल और उनके अन्य नेताओं को कहा कि अभी स्थिति भयावह बने उससे पहले इससे लड़ने की तैयारी कर लेनी चाहिए। इस मौके पर प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल एवं प्रदेश प्रवक्ता पूजा सूरी उपस्थित थे।

श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने पहले दो लहरों में समय से पहले तैयारियां कर लोगों को इस महामारी से बचाया और देश में 140 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लग चुके हैं, वह एक कुशल नेतृत्व की पहचान है। फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज लगाने का भी फैसला ले लिया गया है। एक तरह मोदी सरकार 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग को भी वैक्सीन लगाने की अनुमती दे दी है तो दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार बच्चों को विद्यालय और शिक्षण संस्थानों में जाने की अनुमति देकर उनके जान जोखिम में डालने में लगे हुए हैं।

आदेश गुप्ता ने कहा कि इस समय दिल्ली कि स्थिति क्या है और कोरोना को लेकर तैयारियां क्या है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है क्योंकि इस वक्त केजरीवाल के सभी मंत्री, विधायक एवं पदाधिकारी पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं गोआ में व्यस्त हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि पहली दो लहरों में पेपर पर की गई घोषणाएं जमीनी स्तर से नदारद थी। जब लोगों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन, जांच, बेड की जरूरत थी उस समय अफरा तफरी पैदा हो गई थी।

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