दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारी पर पहले ध्यान दें: आदेश गुप्ता
Date posted: 26 August 2020
नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना के केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं, बुधवार को 1693 नए केस सामने आए। इसे लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए आज प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता के दौरान एक वीडियो क्लिप दिखायी गयी जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का आपसी मतभेद साफ जाहिर हो रहा है।
वीडियो में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री केस कम होने का दावा करते हुए मेट्रो चलाने के लिए कह रहे हैं तो उपमुख्यमंत्री केस ज्यादा होने की बात कह कर नीट एग्जाम स्थगित करने की बात कह रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी व प्रदेश मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।
आदेश गुप्ता ने कहा कि इन दिनों दिल्ली सरकार मूल समस्याओं पर ध्यान देने की बजाए अन्य राज्यों में जनाधार बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। दिल्ली में कोरोना के मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन दिल्ली सरकार का पूरा ध्यान उत्तराखंड, पंजाब में जनाधार बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री केजरीवाल को दिल्ली की जो जिम्मेदारी लोगों ने उन्हें सौंपी है वह सही ढंग से नहीं निभा पा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को यह जिम्मेदारी दी कि अनलॉक के दौरान एसओपी और गाइडलाइंस के साथ बाजार, जिम, होटल खोले जा सकते हैं, लेकिन दिल्ली सरकार गाइडलाइंस बनाकर उसका क्रियान्वयन करवाने में नाकाम साबित हुई है, चाहे साप्ताहिक बाजार खोलने की बात हो या होटल। दिल्ली भाजपा यह मांग करती है कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारी पर पहले ध्यान दें। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अंदरूनी कलह अब मीडिया में खुलकर सामने आ रही है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
श्री गुप्ता ने कहा कि कुछ दिनों पहले अखबार के पूरे पन्ने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल का इंटरव्यू आया था जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार के मॉडल का बखान किया और कहा कि दिल्ली सरकार के मॉडल के कारण कोरोना केस कम हुए हैं लेकिन यह जगजाहिर है कि केंद्र ने स्थिति को नियंत्रण में करके केजरीवाल सरकार के हाथ में दिया था, क्योंकि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीछे हट गए थी और दिल्ली के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। हम सभी मिलकर कोरोना से लड़ाई लड़ रहे हैं और ऐसे में दिल्ली सरकार को अपना सकारात्मक पक्ष रखना चाहिए क्योंकि बयानों और विज्ञापनों से दिल्ली के लोगों का कुछ भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को अगर सच में परिवहन व्यवस्था की चिंता होती तो उसे सुचारू रूप से चलाने के लिए साढ़े तीन हजार डीटीसी बसें खरीदने का जो वादा किया था उसके तहत बसें खरीद सकते थे, स्कूल बंद होने के कारण खड़ी स्कूल बसों का सहयोग मांग सकते थे, प्राइवेट ऑपरेटर की बसों की मदद भी ले सकते थे ताकि बसों के लिए दिल्ली के लोगों को डेढ़-दो घंटो का इंतजार नहीं करना पड़ता और वह अपने गंतव्य स्थान पर समय पर पहुंच पाते। लेकिन दिल्ली सरकार ने ऐसा नहीं किया क्योंकि उन्हें वास्तविकता में काम नहीं करना है बल्कि चुनावी दृष्टि से कार्य करना है। इस समय दिल्ली के लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था की जरूरत और दिल्ली सरकार की परिचालन व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मेट्रो का परिचालन एसओपी और गाइडलाइन के साथ हो इसलिए नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी के साथ शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से मिलकर उन से निवेदन किया है कि दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो को जल्द से जल्द शुरू करें।
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