गांधी की अहिंसा के बजाए, राजद की लाठी पर भरोसा करती है कांग्रेस: राजीव रंजन

पटना: कांग्रेस दफ्तर में आज हुई मारपीट पर चुटकी लेते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा “ बिहार में कांग्रेस की खोयी प्रतिष्ठा लाने का सपना देख रहे कांग्रेस के नए प्रभारी को आज उनके कार्यकर्ताओं ने सच्चाई से रूबरू करवा दिया. उनके सामने ही लात-घूंसे और कुर्सियां चला कर उन्होंने अपने प्रभारी को यह दिखा दिया कि यहां के कांग्रेसियों को गाँधी की अहिंसा से ज्यादा राजद की लाठी पर भरोसा है. नए प्रभारी यह जान लें कि यह हंगामा उन्हें डराने के लिए था. यह उन्हें यहां के कांग्रेसियों का सीधा संदेश है कि कांग्रेस में कोई परिवर्तन लाने का ख्याल अपने दिल से निकाल दें.”
श्री रंजन ने कहा “ वास्तव में कांग्रेस के कार्यकर्ता को राज्य में पार्टी की स्थिति का रत्ती भर भी ज्ञान नहीं है. उन्हें मालुम ही नहीं है कि वह जिस पार्टी की प्रतिष्ठा को पुनर्बहाल करने का दावा कर रहे हैं, प्रदेश में उसका अस्तित्व राजद की बैसाखी पर टिका हुआ है. जिस पार्टी के पास न तो जमीनी नेता बचे हों और न ही पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता उसे पहले अपनी बुनियाद मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रति वफादारी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए न कि ख्याली पुलाव बनाने में. कांग्रेस के प्रभारी अगर अपनी पार्टी का भला चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले अपनी पार्टी को राजद के चंगुल से आजाद करवा कर आत्मनिर्भर बनना होगा, जो मौजूदा परिस्थितियों में किसी से संभव ही नहीं है.”

उन्होंने कहा “ कांग्रेस के प्रभारी यह जान लें कि उनके नेताओं ने कांग्रेस की बिहार इकाई को राजद के चरणों में समर्पित कर रखा है. उनके कई नेता राजद की कृपा से ही पार्टी में जगह बना पाए हैं, इसलिए उनकी वफादारी कांग्रेस से ज्यादा राजद के प्रति है. उन्हें यह जानना चाहिए कि कांग्रेस पर राजद की पकड़ इतनी मजबूत है कि उनसे पहले के नेता इसे उखाड़ने के चक्कर में खुद उखड़ गये. स्थिति यह है कि उन्हें मिलने वाले चंद वोट भी उनकी विचारधारा के बजाए राजद की कृपा के कारण मिलते हैं. इसलिए अपने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की गरिमा बहाल करने का सपना दिखाने से पहले बेहतर होगा कि पहले वह पार्टी को राजद की गुलामी से आजाद करवा लें.”

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