टुकड़े गैंग के सरगना के कारण टुकड़े-टुकड़े हो रहा है महागठबंधन: राजीव रंजन
Date posted: 30 October 2021
पटना: राजद-कांग्रेस में मचे घमासान का कारण कांग्रेस में कन्हैया की एंट्री को बताते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने आज कहा कि राजद-कांग्रेस में छिड़ा युद्ध भले ही ऊपर से दो विधानसभा सीटों की लड़ाई भर नजर आती है, लेकिन हकीकत में इनके अलगाव के पीछे की कहानी कुछ और ही है. राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो राजद-कांग्रेस के इस तलाक के पीछे टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना कन्हैया कुमार का कांग्रेस में आना है.
जानकारों के मुताबिक आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव टुकड़े गैंग के इस सरगना को तेजस्वी का प्रतिद्वंदी और राजद के भविष्य के लिए खतरा मानते हैं, इसीलिए उन्होंने 2019 के लोस चुनाव में उसे टिकट भी नहीं दिया था. लेकिन कांग्रेस ने बिना उनसे पूछे भारत के टुकड़े करने का ख्वाब देखने वाले इस शख्स को कांग्रेस में जगह दे दी, यही इनकी अंदरूनी रार का कारण बना है.
उन्होंने कहा कि जानकारों के मुताबिक लालू जी को कन्हैया के कांग्रेस में आने से अपने माई समीकरण के बिखरने का भय सता रहा है. इसके अतिरिक्त उन्हें लगता है कि वह भविष्य में तेजस्वी के लिए चुनौती बन सकता है. उन्हें इस बात का गुस्सा भी है कि बिना उनकी अनुमति के कांग्रेस ने टुकड़े गैंग के इस सरगना को अपनी पार्टी में लाने की हिम्मत कैसे की. दूसरी तरफ मानसिक तौर पर दिवालिया हो चुकी कांग्रेस भी टुकड़े गैंग के इस सरगना के सहारे लालू जी के वोटबैंक में सेंध लगा कर अपने पुराने जनाधार को फिर के हासिल करने के फेर में है, जो बिहारवासियों के राष्ट्र प्रेम को देखते हुए किसी भी सूरत में संभव नहीं होने वाला.
श्री रंजन ने कहा कि राजद-कांग्रेस के इस तथाकथित अलगाव से सबसे अधिक दुखी और चिंतित बिहार कांग्रेस के नेता हैं. चूंकि टुकड़े गैंग के इस सरगना को पार्टी में लाने का फैसला गांधी परिवार द्वारा लिया गया है इसलिए वह इस फैसले के खिलाफ कुछ बोल तक नहीं सकते, दूसरी तरफ उन्हें पता है कि राजद से अलग होने पर उन सभी के राजनीतिक अस्तित्व दांव की धज्जियां उड़ जाएंगी. वास्तव में टुकड़े गैंग का यह लीडर बिहार कांग्रेस के नेताओं के लिए अभी से ही गले की हड्डी बन गया है, जिसे न तो वह निगल सकते हैं और न ही उगल सकते हैं.
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