दिल्ली में मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना सिर्फ विज्ञापन तक ही सीमित: बिधूड़ी
Date posted: 12 October 2020
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के मुख्य अरविंद केजरीवाल द्वारा चुनाव से ठीक पहले किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई लेकिन वह घोषणाएं सिर्फ भाषण तक ही सीमित रही और आज तक धरातल पर नहीं लागू की गई है और न ही घोषणाओं का लाभ दिल्ली के किसानों को मिला।
केजरीवाल सरकार के इन्हीं कागजी घोषणाओं की पोल खोलते हुए आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भाषण की एक वीडियो क्लिप दिखाई गई जहां वह किसानों के लिए घोषणाएं करते नजर आए। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक सत प्रकाश राणा उपस्थित थे।
आदेश गुप्ता ने कहा कि जब से कृषि बिल पारित हुए हैं तब से दिल्ली भाजपा द्वारा जागरूकता अभियान, खाट पंचायत, युवा पंचायत, हस्ताक्षर अभियान के जरिए कृषि बिल की सही जानकारी किसानों को दी जा रही है और विपक्षियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया जा रहा है। एक ओर आम आदमी पार्टी के नेता किसानों के बीच कृषि बिल को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली के किसानों को मजबूर कर अपना मतलब निकालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। आजादपुर मंडी में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि किसानों के लिए जो कमरे किसान भवन में गेस्ट हाउस के रूप में बनवाए गए थे उन कमरों को केजरीवाल सरकार द्वारा बंद कर दिया गया है और किसानों को होटलों में ठहरने को मजबूर किया जा रहा है।
गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में स्वर्गीय साहिब सिंह वर्मा जी के कार्यकाल के दौरान किसानों के हितों के लिए मंडी में गेस्ट हाउस की व्यवस्था की गई जहां किसानों को 76 रुपए में कमरे मिलते थे, सब्सिडी मिलता था लेकिन केजरीवाल सरकार ने इन सुविधाओं को बंद करवा कर किसानों को मजबूर किया कि वह 1000-2000 रुपए में होटलों में कमरा लेकर ठहरें। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने आदिल अहमद खान को आजादपुर मंडी का चेयरमैन बनाया है जो भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ है।
विधानसभा चुनाव से पहले किसान और मजदूर आम आदमी पार्टी के एजेंडे में थे लेकिन सरकार मे आते ही किसान और मजदूरों के एजेंडे से गायब हैं। आजादपुर मंडी की 4000 करोड़ की एमपीआर है, जिसमें से किसानों को रहने और खाने के लिए सब्सिडी दी जाती थी वह भी खत्म कर दी गई। इस मुद्दे को दिल्ली भाजपा ने कई बार उठाया है लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। केजरीवाल सरकार ने यह भी वादा किया था कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 1800 रुपए के बदले केजरीवाल सरकार दिल्ली के किसानों को 2600 रुपए भुगतान करेगी जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली सरकार ने भी केंद्र सरकार द्वारा तय एमएसपी पर ही किसानों से गेहूं की फसल खरीदी है।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी दिल्ली सरकार से यह मांग करती है कि अगले 24 घंटे के अंदर किसान भवन को खोला जाए अन्यथा भाजपा कार्यकर्ता किसान भवन को खोलने का काम करेंगे। दिल्ली सरकार किसानों को गेहूं की फसल के लिए 200 करोड़ रुपए का भी भुगतान करें जिसे 2600 रुपए कहकर 1800 रुपए में खरीदा गया। दिल्ली भाजपा अब दिल्ली के किसानों की लड़ाई को लड़ेगी।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले 6 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से गेहूं पर लगभग 800 रुपए अधिक और धान पर लगभग 900 रुपए अधिक का भुगतान करेगी और उन्होंने इस घोषणा को नाम दिया मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना। यह योजना सिर्फ ट्विटर तक ही सीमित रह गई और किसानों को इस प्रकार का कोई भी लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा के सभी विधायक किसानों के हितों की मांग करते हुए आजादपुर मंडी जाएंगे और मुख्यमंत्री आवास पर भी जाएंगे। किसानों के हित में दिल्ली भाजपा का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों को उनकी हक के 200 करोड़ रुपए केजरीवाल सरकार उन्हें नहीं दे देती।
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