अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसानों की जान दांव पर लगा रहा है विपक्ष: जायसवाल

पटना: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि यह अब किसी से छिपा नहीं है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों के खाद-पानी पर चल रहा किसान आन्दोलन, प्रधानमन्त्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ महज एक राजनीतिक षड्यंत्र है. कल 26 मई को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा देश व्यापी विरोध की घोषणा और कांग्रेस समेत 12 विपक्षी दलों द्वारा इसे समर्थन देना, उनके इसी षड्यंत्र की अगली कड़ी है. कुंभ को कोरोना का सुपर स्प्रेडर बताने वाले इन दलों द्वारा इस तथाकथित आन्दोलन को दिया जा रहा समर्थन उनके दोमुहेंपन को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि वास्तव में देश और बिहार में कोरोना के घटते मामलों को देख कर राजद-कांग्रेस और उनके सहयोगियों की छाती फटी हुई है. उन्हें यह यकीन ही नहीं आ रहा है कि उनके लाख रोड़े अटकाने के बाद भी सरकार ने कोरोना पर इतनी जल्दी काबू कैसे पा लिया. यह नहीं चाहते कि इस महामारी का अंत हो, बल्कि यह उसे और भड़काना चाहते हैं.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रदर्शन के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पंजाब, हरियाणा और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को दिल्ली बॉर्डर भेज रहे हैं, जहां न कोई मास्क लगा रहा है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है. धरना स्थल पर लोगों के संक्रमित होने की खबरें भी आ रही हैं, लेकिन लोगों को समझाने के बजाये यह लोगों को और भीड़ जुटाने के लिए उकसा रहे हैं. इससे आन्दोलन के बाद कोरोना के एक नये सिरे से जाग उठने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. बाद में जब यह लोग वापस अपने राज्यों में जायेंगे तो वहां भी महामारी का एक नया वेग फैलने की आशंका है. इसका असर बिहार पर भी पड़ना स्वाभाविक है.

डॉ जायसवाल ने कहा कि सरकार द्वारा कृषि कानूनों को 18 महीने तक टालने की घोषणा के बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा इस महामारी में किसानों को धरने पर बैठाए रखना, यह दिखाता है कि इन दलों की अंतरात्मा पूरी तरह से मर चुकी है. यह दिखाता है कि इन दलों के लिए अपनी राजनीति के सामने, किसानों और आम जनता की जान का कोई महत्व नहीं है. लोग मरें, या जिए इससे इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता बस इनकी राजनीति चमकनी चाहिए.

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