दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, दिल्ली सरकार होर्डिंग्स लगवाने में व्यस्त

नई दिल्ली:  दिल्ली में आज प्रदूषण बिल्कुल खतरनाक श्रेणी में पहुंचा गया है। हालात इतने बुरे है कि दिल्ली में कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स पर पीएम 2.5 का लेवल 500 के करीब पहुंच चुका है जिसके कारण पूरी दिल्ली पर प्रदूषण और धुंध की चादर है। दिल्ली की दुर्दशा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली और नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिन-ब-दिन दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है लेकिन दिल्ली सरकार सुस्त बैठी है मानो चैक-चैराहों पर होर्डिंग्स लगाकर प्रदूषण नियंत्रित हो जाएगा।

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का 60,000 करोड़ रुपए का बजट है जिसको अगर सही कार्यों और दिल्लीवासियों के हितों में खर्च किया जाता तो प्रदूषण से दिल्ली के हालात इतने बुरे नहीं होते। बढ़ते प्रदूषण के कारण कोरोना के मामलों में भी वृद्धि आई है जो चिंताजनक लेकिन इस पर भी दिल्ली सरकार कोई भी ठोस कदम उठाते हुए नहीं दिख रही है, सिवाय प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोषारोपण करने के। उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के तहत 2018 में ही दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने और दिल्ली को हरा भरा बनाने के लिए 26 प्रमुख वादे किए थे जिसमें से स्मॉग टावर लगवाना, ई-बस खरीदना, पौधे लगाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय थे लेकिन दिल्ली सरकार ने इन वादों को कागज से जमीन पर उतरा ही नहीं, जिसका दुखद परिणाम है कि आज से निवासी जहरीली दमघोंटू हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना महामारी के मामले बढ़ते ही दिल्ली सरकार ने दिल्ली वासियों को मरने के लिए छोड़ दिया और दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य अवस्थाओं के कारण दिल्ली वासियों को स्वास्थ सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ा। ठीक इसी तरह दिल्ली सरकार ने लोगों को बढ़ते प्रदूषण से त्रस्त होने के लिए छोड़ दिया है। दिल्ली सरकार के पास प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए न तो कोई एक्शन प्लान है और न ही काम करने की मंशा। ऐसे अमानवीय कृत्य के लिए दिल्ली के लोग मुख्यमंत्री केजरीवाल को कभी माफ नहीं करेंगे।
आदेश गुप्ता ने दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा द्वारा 1 लाख पेड़ लगाने के अटल संकल्प कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमारे युवा कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण रहित बनाने के लिए पेड़ लगाने का जो संकल्प लिया उससे दिल्ली सरकार और उनके मंत्रियों को भी सबक लेना चाहिए। सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी-बड़ी बातें करने से दिल्ली की हवा साफ नहीं होगी बल्कि उसके लिए जमीन पर कार्य करना भी जरूरी है।

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