जल शक्ति मंत्रालय के निर्माण के साथ मोदी सरकार ने किया एक और चुनावी वादा पूरा: राजीव रंजन
Date posted: 5 June 2019
पटना: मोदी सरकार द्वारा एक और चुनावी वादे को पूरा किए जाने के बारे में जानकारी देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कहा “ आम जनता को रोजमर्रा की तकलीफों से निज़ात दिलाने के लिए मोदी सरकार आज दुगने वेग से काम कर रही है. बीते कार्यकाल में देश के हर गाँव और अधिकांश घरों में बिजली पंहुचाने के बाद प्रधानमन्त्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अब हर घर तक पीने का पानी पंहुचाने के लिए नया संकल्प ले चुकी है. याद करें तो पिछले महीने ही प्रधानमन्त्री मोदी ने एक चुनावी रैली में, लोगों को पेयजल और सिंचाई की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए एक नया जल शक्ति मंत्रालय बनाने का वादा किया था.
सत्ता संभालते ही सरकार ने उसका गठन कर दिया है. गौरतलब हो कि 2030 तक देश में उपलब्ध संसाधनों के मुकाबले पानी की मांग दोगुनी होने वाली है. जाहिर है, इससे देश में गहरा जल संकट पैदा हो सकता है. आंकड़ों के मुताबिक फ़िलहाल देश में प्रयुक्त होने वाले कुल जल का सिर्फ 4 प्रतिशत हिस्सा पेयजल के तौर पर इस्तेमाल होता है, जबकि इसका 80 प्रतिशत हिस्सा कृषि में खर्च होता है. इसीलिए मोदी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस मंत्रालय के तहत देश के हर घर में पाइपलाइन के जरिए जल यानि नल में जल योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. सरकार ने साल 2024 तक देश के हर घर में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.”
श्री रंजन ने आगे कहा “ विशेषज्ञ लंबे समय से इस दिशा में युद्ध स्तर पर जल प्रबंधन शुरू करने की बात कहते रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस की मेहरबानी से यह मसला हमेशा उपेक्षित ही रहा था. मोदी सरकार ने इस विषय की गंभीरता को पहले ही समझ लिया था और इसीलिए अपने पहले कार्यकाल में भी नदियों की सफाई, नदियों को जोड़ने, नदी मार्ग बनाने और जल प्रबंधन के लिए कई कदम उठाए थे. अब अलग मंत्रालय बनने से जल संरक्षण के कामों में और तेजी आएगी. आम जनता की भविष्य की जरूरतों के लिहाज से विशेषज्ञ भी सरकार के इस कदम को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं.”
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