आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी, मनोज कुमार और सुशील गुप्ता को 20 हजार की भरनी पड़ी जमानत
Date posted: 7 June 2019
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव से पूर्व दिल्ली की जनता के बीच भ्रम व झूठी अफवाह फैलाते हुये कहा था कि भाजपा ने दिल्ली की वोटर लिस्ट से 30 लाख वोट पूर्वांचल, मुस्लिम व बनिया समुदाय के कटावा दिये है। ऐसा कहकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रेस को दिये अपने कई बयानों में इस बात का जमकर झूठा प्रचार किया। केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के बीच झूठ परोसने और भाजपा को बदनाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी आरोप लगाया गया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर दिल्ली के पूर्वांचल बनिया और मुस्लिम समुदाय के 30 लाख वोट कटवा रही है।
इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के कॉल सेन्टर ने दिल्ली के लोगों के पास फर्जी फोन कॉल के माध्यम से झूठ बोला कि आपका वोट कट गया है और भाजपा ने आपका वोट कटवाया है लेकिन फिक्र ना करें मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आपका वोट जुड़वा दिया है। सत्ता के लालच में केजरीवाल राजनीति को निचले स्तर तक ले गये। इसके उलट दिल्ली भाजपा ने कई बार इस दुष्प्रचार के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की जिस पर सुनवाई करते हुये चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना या कटवाना वो एक वैधानिक प्रक्रिया है जो केवल चुनाव आयोग करता है अन्य और कोई नहीं कर सकता है।
आम आदमी पार्टी के इस दुष्प्रचार करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजीव बब्बर ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के तीन नेता आतिशी मार्लिना, मनोज कुमार व सुशील गुप्ता के खिलाफ मानहानि का केस डाला था जिस पर सुनवाई करते हुये आज दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल समेत तीनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाते हुये जमानत भरने का निर्देश दिये।
दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने बताया कि आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली में 30 लाख वोट कटने की झूठी अफवाह फैलाने के मामले में न्यायलय ने आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लिना, मनोज कुमार और सुशील गुप्ता को 20 हजार रूपये प्रति व्यक्ति जमानत भरने का आदेश दिया है और न्यायलय के समक्ष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के पेश न होने पर कोर्ट ने कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुये कहा है कि उन्हें 16 जुलाई से पहले कोर्ट के सामने मानहानि के इस केस के सिलसिले में पेश होना पड़ेगा। इस केस में अधिवक्ता पूजा सूरी कोर्ट में उपस्थित थी।
Facebook Comments