आर्थिक पैकैज से आत्मनिर्भर होगें श्रमिक व किसान: स्वामी प्रसाद मौर्य
Date posted: 17 June 2020
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को लेकर जनसहभागिता के लिए जनसंवाद व जनसम्पर्क कर जन-जन से जुड़ रही है। पार्टी स्वाबलम्बी गांव, गरीब, किसान, मजदूर से आत्मनिर्भर भारत बनाने का मंत्र लेकर जनसंवाद कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोरोना संकट काल में स्वदेशी से स्वाबलम्बी भारत निर्माण का उद्घोष कर 130 करोड़ भारतीयों की सहभागिता से वैभवशाली राष्ट्र नवनिर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढे़ है। केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकैज से जन-जन की आत्मनिर्भरता तथा सभी की सहभागिता के जनजागरण के लिए पार्टी वर्चुअल संवाद कर रही है।
विभिन्न वर्गों से जनसंवाद करते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आज प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री संतीश महाना ने उद्योगों की भूमिका पर आयोजित वर्चुअल संवाद किया। वहीं प्रदेश सरकर के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रवासी श्रमिकों से जनसंवाद करके मोदी सरकार की उपलब्धियों एवं ऐतिहासिक निर्णयों को साझा करते हुए आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए जनसहभागिता पर चर्चा की। उद्योगों की भूमिका पर आयोजित वर्चुअल संवाद का संचालन प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह ने किया वहीं प्रवासी श्रमिकों संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान का आर्थिक पैकेज राज्य के सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योगों के लिए लाभप्रद होगा जो राज्य के उद्योग क्षेत्र की रीढ़ की हड्डी है। छोटे उद्योगों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि राहत पैकेज से स्थानीय विनिर्माताओं को बढावा मिल रहा है। उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रदेश सरकार, राज्य में स्थायी रूप से लौटने वाले मजदूरों की स्किल्ड होने की क्षमता का आंकलन कर रही है और उन्हें विभिन्न औद्यौगिक क्षेत्रों में रोजगार देने के लिए एमओयू कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने आर्थिक विशेषज्ञों का एक समूह गठित किया है जो संभावित रोजगार सृजन क्षेत्रों की सिफारिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने कोरोना काल की चुनौती को बड़े अवसर के रूप में लिया है। सरकार उद्योगों और उद्यमियों के साथ हर कदम पर खड़ी नजर आ रही है। उद्योगों की हर समस्या का समाधान करने को तत्पर है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में भी सरकार उद्योगों का पहिया गतिशील बनाने को कदम उठा चुकी है। कोराना के माहौल से हम प्रदेश को इस कठिन परिस्थिति से आगे निकलकर जाएंगे। महाना ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के संदेश के तहत प्रदेश में स्वदेशी को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब हम मेक इन इंडिया फॉर वल्र्ड और मेक इन यूपी फॉर वल्र्ड की ओर बढ़ चुके हैं। सरकार हर तरह से उद्योगों के साथ है। इंडस्ट्री के सर्वाइवल और रिवाइवल से लेकर प्रगति तक हर स्तर पर सरकार मदद के लिए खड़ी है। बैंकों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। चूंकि, उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक हैं इसलिए सरकार दोनों के हितों पर पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि उद्योगों को रफ्तार देने के लिए सरकार ने सीमा से अधिक भूमि खरीदने की समस्या का समाधान कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों से डिजिटल संवाद करते हुए प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान शुरू किया जिसके लिए उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज देश की विकास यात्रा को नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ, पर बल दिया गया है। ये आर्थिक पैकेज हमारे प्रदेश के कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु-मंझोल उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो हमारे प्रदेश के लाखों प्रवासी श्रमिकों को आने वाले दिनों में रोजगार देंगे जो इस आपदा के समय दूसरे राज्यों से वापस लौटकर अपने घर आ चुके हैं। कोरोना के वैश्विक संकट के दौरान केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों की पीड़ा को समझा और आत्मनिर्भर भारत अभियान से मजदूरों की आत्मनिर्भरता के साथ देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। जिस संकल्प को हम सभी मिलकर पूरा करेगें।
श्री मौर्य ने कहा कि देश के 116 जिलों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजूदर वापस लौटें हैंे। उनके रोजगार के लिए स्थायी नीति तैयार की गई है। इस मेगा योजना में प्रदेश के 31 जिले शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने वापस लौटे 32 लाख श्रमिकों के लिए आयोग का गठन किया है। जिसके द्वारा श्रमिकों को रोजगार देने का कार्य आरम्भ हो रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रवासी श्रमिकों वाले चुने गए 116 जिलों में 32 जिले बिहार के हैं. उसके बाद यूपी के 31 जिले है।
श्री मौर्य ने कहा कि, आत्मनिर्भर भारत के पीएम मोदी के संकल्प का मजबूत आधार हैं। उनके द्वारा घोषित किया गया आर्थिक पैकेज उस श्रमिक के लिए है, उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में दिन-रात परिश्रम करता रहा है। यह पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो विकास में अपना योगदान देता है। पैकेज भारतीय उद्योग जगत के लिए है जो देश और प्रदेश के आर्थिक सामथ्र्य को बुलंदी पर ले जानंे के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण रोजी-रोटी और रोजगार गंवाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए प्रदेश में कई तरह के लेबर रिफार्म किए गए हैं।
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