कोरोना काल के समय स्वास्थ्य उपकरणों और दवाईयों की खरीद को लेकर सीबीआई जांच हो: राजीव बब्बर
Date posted: 18 December 2020
नई दिल्ली: आज प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने केजरीवाल सरकार के घोटाले की पोल खोली और कहा कि कोरोना काल में 1000-2000 रुपए में मिलने वाले ऑक्सीमीटर को केजरीवाल सरकार ने 66,320 रुपए/ऑक्सीमीटर में खरीदा। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में जाकर आम आदमी पार्टी नेता केजरीवाल सरकार मॉडल का झूठा प्रचार कर रही है। बीत दिनों आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह उत्तर प्रदेश में इस झूठे मॉडल का गुणगाण कर रहे थे और एक पत्रकार ने उस मॉडल की पोल खोल दी, पत्रकार के सवाल पर सांसद बगले झांकने लगे। यह बहुत ही दुखद है कि जब दिल्ली के लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे थे उस समय स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की बजाय मुख्यमंत्री केजरीवाल की जानकारी में स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में भी घोटाला हो रहा था। उन्होंने के कहा कि ऑक्सीमीटर जरूरी स्वास्थ्य उपकरणों में से एक है जिसके कीमत की जानकारी अब हर व्यक्ति को है लेकिन दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीमीटर 66,320 रुपए में खरीदकर यह साबित कर दिया कि केजरीवाल सरकार को जनता जिए या मरे उससे कोई मतलब नहीं है, सिर्फ मुख्यमंत्री का फोटो चमकाने के लिए झूठ बोलना ही प्राथमिकता है। धीरे धीरे अब केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के सारे पत्ते खुल रहे हैं। भाजपा मुख्यमंत्री केजरीवाल का दोहरा चरित्र जनता के सामने लाने के लिए कटिबद्ध है।
प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने कहा कि ऑक्सीमीटर के खरीद की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीबीआई केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमे की जांच कर रही है, वह ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे हैं और दूसरों पर कीचड़ उछाल रहे हैं। जिस अमानात्तुला खान को कोर्ट ने भी सबसे भ्रष्ट करार दिया, उसे भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दुबारा दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बना दिया। भ्रष्टाचार में डूबी केजरीवाल सरकार ने संकट के समय भी जनता की गाढ़ी कमाई को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
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