September 06, 2026 | 15:49:57

झांसी जिले में गुरसराय नहर से बड़वार झील तक निर्मित नहर से किसानों के खेत तक पहुँचा पानी

06 Sep 2026
झांसी जिले में गुरसराय नहर से बड़वार झील तक निर्मित नहर से किसानों के खेत तक पहुँचा पानी

लखनऊ:   उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र वर्षों से जल संकट और अनियमित वर्षा की समस्या से जूझता रहा है। इस क्षेत्र के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था, जिसके कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होता था और किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसी परिस्थितियों में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशन में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा झाँसी जिले की बड़वार झील को गुरसराय नहर से भरने के लिए फीडर कैनाल निर्माण परियोजना शुरू की गई। यह परियोजना न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, बल्कि इसने हजारों किसानों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
 झांसी जिले की गरौठा तहसील में स्थित बड़वार झील इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जल संरचना है। इस झील से लगभग 53 किलोमीटर लंबी बड़वार नहर प्रणाली संचालित होती है, जिसके माध्यम से आसपास के अनेक गाँवों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाती रही है। इस क्षेत्र में वर्षा की अनिश्चितता के कारण झील में पर्याप्त जल संचय नहीं हो पाता था। स्थिति यह थी कि बीते लगभग दस वर्षों में झील अपने पूर्ण जलस्तर तक नहीं भर पाई थी। परिणामस्वरूप किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था और उनकी फसलें प्रभावित होती थीं। इससे इस क्षेत्र के कृषि उत्पादन के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

परियोजना की आवश्यकता और उद्देश्य
प्रदेश सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए एक दीर्घकालिक समाधान खोजने का निर्णय लिया। इसके तहत बेतवा नदी पर स्थित परीछा बैराज के बाएँ किनारे से निकलने वाली गुरसराय मुख्य नहर से एक फीडर नहर का निर्माण करने की योजना बनाई गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बड़वार झील तक नियमित रूप से पानी पहुँचाना था, ताकि झील में पूरे वर्ष पर्याप्त जल उपलब्ध रहे। इसके लिए लगभग 203 क्यूसेक क्षमता वाली पोषक नहर का निर्माण किया गया। इस नहर के माध्यम से वर्षा ऋतु के दौरान अतिरिक्त जल को बड़वार झील तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई।

लगभग दो दशक बाद मिला स्थायी समाधान
प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित यह परियोजना लगभग बीस वर्षों की प्रतीक्षा के बाद पूरी हो सकी। वर्ष 2023 में मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से इस पोषक नहर का सफल संचालन शुरू किया गया। इसके बाद बड़वार झील में लगातार जलापूर्ति होने लगी और झील का जलस्तर बढ़ने लगा। इस उपलब्धि ने न केवल किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाई, बल्कि यह भी सिद्ध हुआ कि उचित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

किसानों के लिए वरदान साबित हुई परियोजना
बड़वार झील को भरने की इस योजना से गरौठा तहसील के लगभग 52 गाँवों के करीब 5000 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। अब किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। पहले जहाँ किसान वर्षा पर निर्भर रहते थे, वहीं अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती कर पा रहे हैं। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। इसके अतिरिक्त, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है। कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

जल जीवन मिशन को भी मिला बल
यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। गुरसराय कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने में यह परियोजना अहम भूमिका निभा रही है। झील में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने से भूजल स्तर में भी सुधार हुआ है। इससे हैंडपंपों और कुओं में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिसका लाभ आम नागरिकों को भी मिल रहा है।

पर्यावरण संरक्षण में भी निभा रही है अहम भूमिका
बड़वार झील क्षेत्र जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। झील में पानी की उपलब्धता बढ़ने से आसपास के प्राकृतिक वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। जलाशय के आसपास हरियाली बढ़ी है और विभिन्न प्रकार के पक्षियों तथा अन्य जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। जल संरक्षण की यह पहल भविष्य में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी यह परियोजना उपयोगी साबित होगी।

बुंदेलखंड के विकास का नया अध्याय
बुंदेलखंड लंबे समय से सूखे और जल संकट के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में बड़वार झील फीडर कैनाल परियोजना इस क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। इस परियोजना से जल संसाधनों का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जा रहा है।

आज बड़वार झील केवल एक जलाशय नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, किसानों की समृद्धि और बेहतर भविष्य का प्रतीक बन चुकी है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्माण किए गए इस परियोजना से आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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