सत्ता के मोह में अपनी कुर्सी को बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया: राम माधव
Date posted: 30 June 2020
नई दिल्ली: युवाओं को 25 जून 1975 के आपातकाल के काले अध्याय से अवगत कराने के लिए आज प्रदेश कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने वर्चुअल युवा जन संवाद रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ मोनिका पंत, प्रदेश मंत्री विक्रम बिधूड़ी, प्रदेश कार्यालय मंत्री गिरीश सचदेवा व युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आपातकाल के काले अध्याय का वर्णन करते हुए राम माधव ने कहा कि जो इतिहास को भूल जाते हैं वह इतिहास में हुई भूल को और दोहराते हैं इसीलिए आपातकाल की यादों की चर्चा करते रहना जरूरी है ताकि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और मूल्यों को और मजबूत बनाने के लिए इससे सबक लिया जा सके। आजकल बहुत सारे ऐसे बुद्धिजीवी नेता जो कह रहे हैं कि देश में मिनी आपातकाल जैसी स्थिति है, जो वर्तमान समय में ऐसी टिप्पणियों कर रहे हैं उनमें से आधे लोग खुद व उनके पूर्वज आपातकाल के लिए जिम्मेदार थे। यही लोग देशवासियों को भ्रमित करने के लिए आपातकाल की गलत परिभाषा की व्याख्या करते हैं इसलिए यह जरूरी है कि हम उन्हें भी बताएं कि आपातकाल क्या था। लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल एक काला अध्याय है। स्वतंत्रता के लिए हमारे सेनानियों ने लंबी लड़ाई लड़ी उसी स्वतंत्रता को इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर क्षण भर में खत्म कर दिया था।
श्री राम माधव ने बताया कि 25 जून के आधी रात को ही बिना मंत्रिमंडल से चर्चा किए इंदिरा गांधी ने अनुच्छेद 352 का इस्तेमाल करते हुए आपातकाल की घोषणा पत्र पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर लिए थे। अगली सुबह तक मंत्रिमंडल को भी इसकी सूचना नहीं थी और ऐसे शुरू हुई कांग्रेस की अलोकतांत्रिक तानाशाही व्यवस्था। जैसे ही आपातकाल की घोषणा की गई वैसे ही आदेश निकाला गया कि जितने विपक्ष के नेता है उन्हें जेल में डाल दो, विपक्ष का गला दबाया गया, रातों-रात गिरफ्तारियां हो गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाया गया फिर उनके कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई। समाचार पत्रों की स्वतंत्रता पूरी तरह समाप्त की गई, पेपर खाली छपते थे और जो इसका विरोध करते थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता था। एक डर का माहौल देश में बनाया गया, सब इतने डर गए थे कि कोई भी विरोध नहीं करना चाहता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए विपक्षी नेताओं को वेश बदलकर रहना पड़ता था, संघर्ष बहुत मुश्किल था लेकिन हमने हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि मोदी जी ने सरदार का वेश बनाकर गुजरात में अंडरग्राउंड मूवमेंट चलाया था, राज्यसभा सांसद होने के बाद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रीलंका के रास्ते अमेरिका चले गए थे जहां से वह इंदिरा गांधी का पोल खोलने का काम कर रहे थे और भारत आने के बाद भेष बदल कर रहे।
राम माधव ने कहा कि आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने देश को तानाशाही की आग में झोंकने का काम किया था। वर्तमान समय में देशवासी लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ जी रहे है क्योंकि इसके लिए भारतीय जनता पार्टी और संघ ने संघर्ष किया, यातनाएं झेली, त्याग किया।
सत्ता के मोह में अपनी कुर्सी को बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया। आज की तारीख में कांग्रेस के बुद्धिजीवियों को आपातकाल के बारे में पढ़ने की जरूरत है क्योंकि वह बिना जानकारी के सोशल मीडिया पर बयानबाजी शुरू कर देते हैं। मैं आश्वस्त करता हूं कि जब तक भारतीय जनता पार्टी है, देश में आपातकाल की स्थिति दोबारा नहीं आएगी।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति और एक व्यक्ति मात्र के कुर्सी को बचाने के लिए कांग्रेस ने देशवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए उन पर आपातकाल थोप दिया। देश में आपातकाल के दौरान कई परिवारों ने वह दर्द झेला है जैसे शब्दों में बयां करना बहुत ही मुश्किल है। युवा जनसंवाद रैली का यही उद्देश्य है कि हम आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल के दौरान किए गए त्याग और तपस्या के बारे में बताएं, उन्हें यह बताएं कि कैसे अपनी राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करके कांग्रेस ने लोगों पर अत्याचार किया। आपातकाल के दौरान विपक्ष के नेताओं को जेल में डाला गया, राजनीतिक पार्टियों पर प्रतिबंध लगाया गया, लोगों के हित में काम करने वाले संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया, जबरन नसबंदी कराई गई, प्रजातंत्र का गला घोटते हुए मीडिया की आजादी छीन ली गई।
श्री गुप्ता ने कहा कि कहा कि 25 जून भारत के लोकतंत्र में काला दिवस के रूप में मनाया जाता है। कांग्रेस को आपातकाल का कोई पछतावा तो दूर इस संदर्भ में वह चर्चा भी नहीं करना चाहते। सम्पूर्ण क्रांति के रूप में आपातकाल का अध्याय जाना जाता है जो कि कांग्रेस की स्वार्थ प्रेरित राजनीति को स्पष्ट करता है। उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू जी एवं महासचिव श्री राम माधव जी स्वयं इस लड़ाई का हिस्सा थे और जेल गए थे। इस लड़ाई के बारे में हर युवा को पता होना चाहिए और ये जरूरी भी है कि कांग्रेस का असली रूप सामने आए।
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