पूर्वसैनिको को उद्यमी बनने की दिशा में बढना चाहिए: वीके सिंह

लखनऊ:  केन्द्रिय विदेश राज्यमंत्री रि. जनरल वीके सिंह ने पूर्व सैनिकों से कहा कि रिटायर्ड होने के बाद केवल बंदूक लेकर खडे होना आपका काम नहीं हैं बल्कि उन क्षेत्रों को आपको चुनना होगा जिसके लिए सेना ने आपको तेैयार किया है। श्री सिंह बुधवार को भाजपा द्वारा आयोेजित आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पूर्व सैन्य बल से वर्चुअल संवाद कर रहे थे।
श्री सिंह ने कहा कि भारत में आज सिक्योरिटी का क्षेत्र तेज गति से बढने वाला क्षेत्र है। सेना से अपनी सेवा पूरी करने के बाद जवान सिक्योरिटी के क्षेत्र में बड़े इनोवेशन के साथ काम आरंभ करें। उनका काम बैंकों के सामने बंदूक लेकर खडे होना नहीं है बल्कि बैंकों को सुरक्षा के क्षेत्र में समझाएं कि कैसे एटीएम कैसे सुरक्षित है तथा किस तरह से बैंकों की सुरक्षा मजबूत बनाइ जाय। सेना में आपको इस काम के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से कहा कि आप लोगों को हाईवे पर ट्राफिक गतिबिधियों के क्षेत्र में काम करना चाहिए। आप ड्रोन आदि की मदद से सड़क सुरक्षा को लेकर काम करे, सरकारों को सुझाव दें। खराब ट्रैफिक को लेकर सिस्टम को उपयोग करें। कैमरों आदि की मदद से एक समूह बनाकर ऐसे कार्यक्षेत्र में आगे निकलें।

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि हथियार लेकर जीवन भर मातृभूमि की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक अब उद्यमी के रूप में भी अपना कौशल दिखाएं। इन्हें अब आत्मनिर्भर बनने की ओर बढना है। इन पूर्व सैनिकों को इसके लिए सैनिक कल्याण विभाग मदद करेगा। उद्यम लगाने के लिए इन्हें जमीन और भवन सहित आधारभूत ढांचा सैनिक कल्याण विभाग मुहैया कराएगा। केंद्र सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सेना में सबसे ज्यादा 20 प्रतिशत जवानों की भागीदारी वाले उत्तर प्रदेश में फिलहाल सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिकों को दोबारा रोजगार के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। हथियार लेकर जीवन भर मातृभूमि की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक अब उद्यमी के रूप में भी अपना कौशल दिखाएं। इन्हें अब आत्मनिर्भर बनने की ओर बढना है। इन पूर्व सैनिकों को इसके लिए सैनिक कल्याण विभाग मदद करेगा। उद्यम लगाने के लिए इन्हें जमीन और भवन सहित आधारभूत ढांचा सैनिक कल्याण विभाग मुहैया कराएगा। केंद्र सरकार भी मदद करेगा आप लोगों ने जो कुछ सेना में सीखा है उसका प्रयोग करकें आत्मनिर्भर उद्यमी बने और देश के लोगों को रोजगार दें।

उन्होंने कहा कि, आत्मनिर्भर भारत अभियान में प्रधानमंत्री ने आर्थिक राहत पैकेज दिया है। किसानों के लिए फार्म-गेट आधारभूत ढांचे पर केन्द्रित एक लाख करोड़ रुपये का एग्रो इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दिया है। फार्म-गेट से संबंधित क्षेत्र में पर्याप्त कोल्ड चेन और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमियों, स्टार्ट-अप आदि जैसे मौजूद कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को वित्तपोषण के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। पूर्व सैनिकों को इसके लिए कार्ययोजना बनानी चाहिए।

देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। सरकार ने संकट में फंसे दो लाख एमएसएमई को उबारने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी है। एमएसएमई को और मजबूत बनाने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश को भी स्वीकृति दी गई है। छोटे उद्योग-कारोबार हेतु लोकल के लिए वोकल होने की जो संकल्पना की गई है, उससे स्थानीय एवं स्वदेशी उद्योगों को भारी प्रोत्साहन मिलेगा। वोकल फॉर लोकल अभियान से मोदी सरकार के मेक इन इंडिया अभियान को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। कोरोना काल में जब दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं ढह गई हैं, तब भी स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था, स्थानीय विनिर्माण, स्थानीय बाजार देश के बहुत काम आए हैं। सेना के आप जवान इसके लिए तैयार किए गए हैं। इसलिए आप इनोवेशन की ओर बढिए। इसका आयोजन पूर्व कर्नल दयाशंकर दुबे तथा प्रदेश मंत्री एवं कन्नौज से सांसद सुब्रत पाठक ने संचालन किया।

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