मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सफाई दें और भावना आहत करने के लिए माफी माँगे
Date posted: 28 June 2020
पटना: बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ. निखिल आनंद ने सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मृत्यु के मामले में शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे गए संपादकीय को निम्न स्तर की राजनीति करार दिया है। निखिल ने सवाल पूछा कि क्या शिवसेना सुशांत की मृत्यु की जाँच को भटकाने के लिए राजनीतिक दबाव डालना चाहती है? इससे प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व की सरकार निष्पक्ष जाँच कराने और सुशांत को न्याय दिलाने में अक्षम है। सामना में लिखे इस घटिया संपादकीय पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बयान जारी कर शिवसेना की मंशा को लेकर सफाई देनी चाहिए और भावना आहत करने के लिए बिहार के बेटे सुशांत सिंह राजपूत के परिवारजनों, प्रशंसको से माफी माँगनी चाहिए।
निखिल आनंद ने कहा है कि शिवसेना घोर क्षेत्रवादी भावना से ग्रसित परिवारवादी पार्टी है जिसने बिहार के बेटे सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद उनको श्रद्धांजलि तो दूर अपने मुखपत्र में बकवास लिखकर बॉलीवुड के बाबा- बेबी और माफिया गिरोह के प्रवक्ता बनने का काम किया है। इससे पूर्व संपादकीय लिखकर बिहार रेजिमेंट, बिहार और देश के वीर शहीद जवानों का अपमान किया था। शिवसेना न तो देश के वीर जवानों, वीर शहीदों को सम्मान कर सकती है और न ही देश के एक प्रतिभाशाली युवा कलाकार के प्रति आदर के शब्द प्रकट कर सकती है। कांग्रेस की गोद में बैठ इस तरह की घटिया राजनीति कर शिवसेना ने बालासाहेब ठाकरे की मृतात्मा का भी अपमान कर रही है।
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