मोदी सरकार ने संकट के समय में दिल्ली के लोगों को सुरक्षित रखने का उठाया बीड़ा: तरुण चुघ

नई दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा सरकार के द्वितीय कार्यकाल के प्रथम वर्ष के उपलब्धियों और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा करते हुए आज दिल्ली भाजपा सह प्रभारी तरुण चुघ ने नजफगढ़ व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली जनसंवाद रैली को संबोधित किया। इसी क्रम में प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल ने मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्रों की वर्चुअल रैली को संबोधित किया। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र की वर्चुअल रैली से सांसद हंसराज हंस एवं दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष व विधायक विजेंद्र गुप्ता भी जुड़े।

तरुण चुघ ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष में लिए गए ऐतिहासिक और अविश्वसनीय फैसलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में आजादी के बाद से ही कई ऐसे मामले थे जो लटके पड़े थे और कांग्रेस मामलों को बस चुनावों में वोट लेने के लिए इस्तेमाल करती थी लेकिन उस पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं किया। पहले कार्यकाल में मोदी सरकार ने देश की मजबूत नींव रखी और दूसरे कार्यकाल में उन्होंने देशवासियों से किए हुए वादे को निभाते हुए छह दशकों से लटके हुए मामलों को सुलझाया। धारा 370 और 35ए को खत्म करना हो, तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति देना हो, नागरिकता संशोधन कानून का लागू करवाना हो, हमारे आस्था के प्रतीक श्री राम मंदिर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना हो, यह सभी फैसले मोदी जी के नेतृत्व में लिए गए। दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण कर वहां रहने वाले लोगों को घरों का मालिकाना हक दिया, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पक्का मकान दे रहे हैं। अब संकट के समय में भी दिल्ली के लोगों को सुरक्षित रखने का बीड़ा मोदी सरकार ने उठाया है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए श्री चुघ ने कहा कि एक ओर मोदी जी के नेतृत्व में देश वैश्विक मंच पर सशक्त खड़ा है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस देश की एकता को कमजोर करने की मंशा रखती है। आज जहां चीन के मामले को लेकर भी पूरा विश्व मोदी जी के साथ खड़ा है तो वहीं कांग्रेस विरोध में है। चीन से युद्ध लड़ते हुए हमें देश के अंदर कांग्रेस के घिनौने षड्यंत्रो के खिलाफ भी लड़ना पड़ रहा है आज देश के अंदर देश कि सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी चीन की भाषा बोल रही है और हमारे देश के वीर जवानों का मनोबल तोड़ रही है। लेकिन कांग्रेस भी इस बात को समझ ले कि देशवासी कोरोना और चीन के साथ इस लड़ाई में मोदी जी के साथ खड़े हैं और जल्द ही हम जीतेंगे।
श्री आदेश गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश और दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और उपलब्धियों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। वहीं बिजली कंपनियों द्वारा फिक्स्ड और एवरेज बिल के नाम पर भेजे जा रहे भारी-भरकम बिल को लेकर दिल्ली सरकार को घेरते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के काम-काज ठप थे, उनकी कमाई का जरिया बंद था लेकिन फिर भी दिल्ली सरकार की मिलीभगत से बिजली कंपनियां दिल्ली के लोगों को एवरेज बिल और फिक्स्ड चार्ज भारी-भरकम प्रोविजनल बिल भेज रही है। केजरीवाल सरकार ने बिजली कंपनियों को मनमानी वसूली करने के लिए पूरी छूट दी है इसलिए बिजली कंपनियां भारी भरकम बिजली बिल जमा ना होने के एवज में बिजली कनेक्शन काटने की धमकी भी दे रही है। भारी-भरकम बिजली बिलों के कारण दिल्ली के लोगों पर दोहरी आर्थिक मार कर रही है।
श्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा में बिजली सब्सिडी के लिए 2820 करोड़ रुपए का बजट पास किया, लेकिन जरूरत पड़ने पर बिजली बिलों के लिए 726 करोड़ रुपए की सब्सिडी नहीं दी गई। लॉक डाउन की अवधि में जो प्रतिष्ठान, दुकाने, शोरूम, छोटी फैक्ट्रियां इत्यादि बंद थे और वहां बिजली का उपयोग ना के बराबर हुआ उनसे भी 405 करोड रुपए फिक्स्ड चार्ज के रूप वसूले जा रहे हैं। बिजली कंपनियों ने फिक्स्ड चार्ज और एवरेज बिल के साथ कुल मिलाकर 1131 करोड़ का बिल दिल्ली के लोगों को भेजा है जिस पर दिल्ली सरकार की ओर से किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी गई है। यह साफ जाहिर है कि वोट लेने के लिए पानी माफ, बिजली हाफ के नाम पर वोट लेने वाली केजरीवाल सरकार ने आज संकट के समय में भी अपने वादे को पूरा करने में असमर्थ रहे, जबकि उन्हें दिल्ली के लोगों की आर्थिक हालात को देखते हुए इस समय बिजली पर और ज्यादा सब्सिडी देनी चाहिए थी। चुनाव के वक्त उनके वादों की लिस्ट बहुत लंबी होती है लेकिन संकट के समय उन वादों का अमलीकरण नहीं होता है। यही केजरीवाल सरकार का असली चेहरा है।
कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ने कहा कि झूठ की बुनियाद पर टिकी हुई आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने तो इस पूरे लॉकडाउन की अवधि में एक बार भी एसी कमरे से बाहर नहीं निकले और न ही दिल्ली के लोगों का हाल जाना। एसी कमरे में बैठकर मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली की दुर्दशा देख रहे थे लेकिन उन्होंने यह जरूरी नहीं समझा कि दिल्ली को इस संकट से बाहर निकाले। जब से स्वयं गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने दिल्ली के अस्पताल का जायजा लिया और गृह राज्य मंत्री लगातार ग्राउंड पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को देख रहे हैं, तब मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी साख बचाने के लिए एसी कमरे से बाहर निकले हैं। आभार है माननीय गृह मंत्री जी का जिन्होंने दिल्ली की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए हस्तक्षेप किया जिसका परिणाम है कि आज दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था ट्रैक पर है। दिल्ली के लोगों को बेड, इलाज, टेस्टिंग इत्यादि की सुविधाएं समय पर मिल रही है। उन्होंने कहा कि आजकल केजरीवाल सरकार श्काम करे कोई और नाम करे कोई औरश् लोकोक्ति को चरितार्थ करने में लगे हैं तभी केजरीवाल सरकार और उनके मंत्री दिल्ली के लोगों की सेवा भले ही ना करें लेकिन श्रेय लेने के लिए तत्पर रहते हैं।

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