August 27, 2026 | 09:47:38
वृंदावन: श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने निर्देश दिया कि दान का एक-एक पैसा सीधे मंदिर की दानपेटी या ऑनलाइन मंदिर कोष में जमा होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन समिति को चढ़ावे की प्राप्ति और उसके हिसाब-किताब के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। अदालत ने साफ कहा कि सेवायत या कोई अन्य व्यक्ति दान को मंदिर के कोष तक पहुंचने से पहले अपने स्तर पर नहीं रोक सकता।
यह आदेश मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी से जुड़ी शिकायतों और हाई-पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट के बाद आया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कुछ भंडारी श्रद्धालुओं से सीधे चढ़ावा एकत्र कर रहे थे और कुछ ऑनलाइन दान के QR कोड भी बाधित किए गए थे।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दान पहले भगवान को समर्पित होगा और उसके बाद ही सेवायत को उसका निर्धारित हिस्सा मिल सकता है। मामले में संबंधित पक्षों को अपनी आपत्तियां और जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
News Circle: सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।