डियोें कांफ्रेंसिंग करके श्रम कल्याण परिषद के अक्ष्यक्ष ने जानी योजनाओं की प्रगति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला ने  वीडियोें कांफ्रेंसिंग करके परिषद द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने उ0प्र0 श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1965 में संशोधन सम्बन्धी शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।
श्री भराला ने श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिये श्रमिकों की वर्तमान में निर्धारित 15000 रूपये वेतन सीमा को बढ़ाने के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2019-2020 में परिषद की योजनाओं से सम्बन्धित लम्बित आवेदन पत्रों को  शीघ्र निस्तारित किया जाये। साथ ही यह भी निर्णय लिया कि परिषद की योजनाओं के लिए पात्र कम से कम पाँच लाभार्थियों को मुख्यमंत्री जी द्वारा लाभन्वित कराया जाय। उन्होंने परिषद के संगठन एवं कार्यो से सम्बन्धित विवरण भी मुख्यमंत्री जी को भेजने के निर्देश दिये।

अध्यक्ष भराला ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में परिषद द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने तथा श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिये आवेदन पत्र प्राप्त करने की अन्तिम तिथि को 30 सितम्बर से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2020 तक करने के निर्देश दिये। उन्होने कोविड-19 महामारी के दौरान श्रम कल्याण परिषद की योजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

उन्होंने श्रमिकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए मण्डलीय समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में गोरखपुर मण्डल में सर्वाधिक प्रवासी श्रमिक वापस आये है। इस मण्डल में श्रमिकों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पहली बैठक गोरखपुर मण्डल में की जाये। इसके पश्चात् वाराणसी, आजमगढ़, बस्ती, देवीपाटन तथा अयोध्या मण्डल मेें बैठक की जाये।

उन्होेंने वर्तमान  वित्तीय वर्ष में परिषद द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिलाने के लिये जनपदवार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये। बैठक में श्रम आयुक्त एवं श्रम कल्याण आयुक्त के साथ अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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