September 09, 2026 | 15:40:07

UP में टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी सौगात! 3 योजनाएं लॉन्च

09 Sep 2026
UP में टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी सौगात! 3 योजनाएं लॉन्च

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मंगलवार को लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय यू.पी. टेक्स-2026 का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा ‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना तथा उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही निवेश संबंधी पत्रों एवं चेक का वितरण तथा समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया।

कार्यक्रम में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने प्रदेश में वस्त्र एवं परिधान उद्योग की संभावनाओं, सरकार की नीतियों तथा निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘‘परंपरा को पैशन बनाएं और स्वदेशी का दम दिखाएं’’ की भावना के साथ प्रदेश की पारंपरिक कला, हथकरघा, हस्तशिल्प और आधुनिक वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यू.पी. टेक्स-2026 में देशभर से आए निवेशकों, उद्यमियों, बुनकरों और शिल्पकारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र को एक मंच पर लाने की मुख्यमंत्री की दूरदर्शी पहल का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत टेक्स जैसे बड़े आयोजन के माध्यम से देश के वस्त्र उद्योग को वैश्विक मंच मिला है, उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में पहली बार यू.पी. टेक्स का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के हथकरघा, वस्त्र, परिधान, तकनीकी वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को एक मंच पर लाकर निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं तैयार करना है।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्षों में प्रदेश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। एक्सप्रेसवे, सड़कों, रेलमार्ग, हवाई अड्डों, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और बेहतर कानून-व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहा व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क, जेवर एयरपोर्ट सहित बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी तथा बेहतर औद्योगिक आधार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित निवेशक सम्मेलन के माध्यम से बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी भी कराई जा चुकी है। वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में लगभग 56 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से करीब 6 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में धरातल पर उतारा जा चुका है।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब वस्त्र एवं परिधान निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के हस्तशिल्प एवं वस्त्र संबंधी उत्पादों का निर्यात किया गया। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद का गारमेंट उद्योग, कानपुर का होजरी क्षेत्र, वाराणसी की सिल्क साड़ियां, भदोही और मिर्जापुर के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी एवं जरी-जरदोजी, पिलखुआ के घरेलू वस्त्र, मेरठ के खेल परिधान तथा फर्रुखाबाद की वस्त्र छपाई उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी वैश्विक पहचान और बाजार की संभावनाएं बढ़ी हैं। सरकार डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल विपणन के माध्यम से बुनकरों एवं शिल्पकारों को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है।
मंत्री सचान ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश में 2 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर कार्यरत हैं। सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़कर उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। वाराणसी के विद्यार्थियों को भी सरकार द्वारा लगभग 84 लाख रुपये की छात्रवृत्ति/स्टाइपेंड उपलब्ध कराकर प्रशिक्षण एवं कौशल विकास को बढ़ावा दिया गया है।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति केवल कागज तक सीमित न रहे, बल्कि निवेशकों को निर्धारित प्रोत्साहन वास्तविक रूप से समय पर मिले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 की वस्त्र उद्योग नीति के अंतर्गत लगभग 116 निवेशकों को करीब 322 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन दिए गए हैं। वर्ष 2022 की नीति के तहत भी लगभग 96 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की वस्त्र उद्योग नीति के तहत पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट, ब्याज में सब्सिडी, भूमि एवं विद्युत संबंधी रियायतों सहित विभिन्न सुविधाएं उद्यमियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मेलों में भाग लेने वाले प्रदेश के उद्यमियों को भी विभाग द्वारा 90 प्रतिशत तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्री सचान ने बताया कि लखनऊ और हरदोई के बीच करीब 1000 एकड़ क्षेत्रफल में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। पार्क के लिए छह लेन सड़क, विद्युत, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि पार्क के मास्टर डेवलपर का चयन भी शीघ्र किया जाएगा और इसके बाद यहां बड़े पैमाने पर वस्त्र एवं परिधान उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। पार्क में अब तक करीब 5354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली तथा वाराणसी में सिल्क पार्क के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। इन पार्कों में उद्यमियों को अनुकूल शर्तों पर भूमि उपलब्ध कराकर वस्त्र उद्योग के विस्तार को गति दी जाएगी।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसे टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्क की आवश्यकता है, जहां वस्त्र उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और अन्य तकनीकी जरूरतों के लिए विदेशी निर्भरता कम की जा सके। इस दिशा में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि कानपुर में उपलब्ध औद्योगिक भूमि सहित अन्य संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता, डिजाइन, कौशल विकास और आधुनिक उत्पादन प्रणाली को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है।

मंत्री राकेश सचान ने देशभर से आए उद्यमियों से उत्तर प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ उठाते हुए प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशाल बाजार, पर्याप्त श्रमशक्ति, बेहतर आधारभूत ढांचा और मजबूत कानून-व्यवस्था उपलब्ध है। प्रदेश की बड़ी आबादी स्वयं एक विशाल उपभोक्ता बाजार है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मिर्जापुर, सोनभद्र सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या से स्थानीय हस्तशिल्प एवं वस्त्र उत्पादों के लिए भी बाजार का विस्तार हुआ है। पर्यटक जब प्रदेश में आते हैं तो ओडीओपी उत्पादों, बनारसी साड़ियों, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय उत्पादों की खरीद करते हैं। इससे स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को सीधे लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जिस उत्तर प्रदेश की वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में कभी देश में अग्रणी पहचान थी, उसे आधुनिक तकनीक, निवेश, कौशल और वैश्विक बाजार के माध्यम से पुनः देश का मॉडल बनाया जाए।
कार्यक्रम में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, निवेशक, विशेषज्ञ, बुनकर, शिल्पकार, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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