September 06, 2026 | 15:49:16
लखनऊ: शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में सम्मानित किया। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के 61 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के चयनित 20 शिक्षकों में से 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में 33 शिक्षिकाएं भी शामिल हैं, जिनमें बेसिक शिक्षा विभाग की 31 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग की 2 शिक्षिकाएं हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोरखपुर की यह पावन धरती केवल आस्था और अध्यात्म की धरती ही नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र सेवा की भी धरती है। इस धरती ने सदैव समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करने का दिन है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षक केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने का कार्य नहीं करता, बल्कि बच्चों में समाज सेवा, राष्ट्रभाव और अपने दायित्वों के प्रति जागरूकता भी पैदा करता है।
संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा तथा शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कार्मिकों के हित में किए गए विभिन्न कार्य सरकार की शिक्षक हितैषी सोच को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
संदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज सेवा का माध्यम है और इसमें निरंतर सुधार की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की शुरुआत हुई और आज उसका परिणाम विद्यालयों की बेहतर व्यवस्था, आधुनिक सुविधाओं तथा शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों के रूप में सामने है।
मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक किसी भी अच्छे संस्थान के शिक्षकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने उत्कृष्ट कार्यों को केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने साथी शिक्षकों को भी नवाचार और बेहतर शिक्षण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों में आपसी प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की भावना होनी चाहिए, ताकि मिलकर बच्चों के भविष्य को और उज्ज्वल बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के विजन के अनुरूप प्रत्येक जनपद में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के तैयार होने के बाद प्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर दूरदर्शी सोच और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
मंत्री सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस का यह आयोजन शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करने का अवसर है। उन्होंने राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके उत्कृष्ट कार्य प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम में मत्स मंत्री संजय कुमार निषाद, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार) मंत्री गुलाब देवी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित शिक्षक उपस्थित रहे।