August 16, 2026 | 19:01:33
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश के विकास में बाधा बनने वाली विचारधाराओं का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का उपयोग किया था। इसके बाद विपक्षी दलों ने इस शब्द पर आपत्ति जताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।‘दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासी संग्राम
विपक्ष का कहना है कि इस तरह की भाषा से समाज में विभाजन बढ़ सकता है और लोकतांत्रिक बहस प्रभावित होती है। वहीं, सरकार की ओर से सफाई दी गई है कि यह शब्द उन विचारों के लिए इस्तेमाल किया गया है जो देश की प्रगति और एकता के खिलाफ काम करते हैं।
इस बयान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर संसद तक बहस तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमा सकता है।